S M L

SC: सीजेआई दीपक मिश्रा ने किया रोस्टर प्रणाली को सार्वजनिक

सुप्रीम कोर्ट के चार जज, जस्टिस चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ ने बीते दिनों शीर्ष अदालत में केस दिए जाने के मामले पर सवाल उठाए थे

FP Staff Updated On: Feb 01, 2018 05:19 PM IST

0
SC: सीजेआई दीपक मिश्रा ने किया रोस्टर प्रणाली को सार्वजनिक

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने बड़ा कदम उठाते हुए जजों का रोस्टर सार्वजनिक कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जाकर अब देख सकते हैं कि कौन से जज किस मामले की सुनवाई कर रहे हैं. शीर्ष अदालत की इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है.

इसके मुताबिक अब ये सूचना वेबसाइट पर मौजूद होगी जिसमें किसी जज को किसी केस की सुनवाई क्यों दी गई इसका जिक्र भी होगा. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चार जज, जस्टिस चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन लोकुर और कुरियन जोसेफ ने बीते दिनों शीर्ष अदालत में केस दिए जाने के मामले पर सवाल उठाए थे.

सुप्रीम कोर्ट के चारों जजों ने जिन मुद्दों को लेकर अपनी चिंता जताई, उनमें से एक केसों के आवंटन को लेकर रोस्टर का विवाद भी था. जजों ने आरोप लगाया था कि दूरगामी नतीजे वाले मामलों को चीफ जस्टिस ने बिना किसी तार्किक आधार पर 'अपनी पसंद' की बेंचों को आवंटित किया.

सीजेआई के पास होता है रोस्टर तय करने का सर्वाधिकार 

इस संबंध में 27 अक्टूबर 2017 को आर.पी. लूथरा बनाम केंद्र का केस एक उदाहरण है, जिसमें किसी और बेंच ने आदेश दिया. जजों ने कहा कि जब एमओपी पर इस अदालत की संविधान बेंच को फैसला सुनाना था तो यह समझना मुश्किल है कि कैसे कोई अन्य बेंच इस पर सुनवाई कर सकती है.

बता दें कि सिद्धांत के मुताबिक चीफ जस्टिस कोर्ट में कामकाज आवंटित करने में सर्वेसर्वा हैं और उन्हें रोस्टर तय करने का विशेषाधिकार है. लेकिन इस विशेषाधिकार के तहत चीफ जस्टिस की अपने अन्य साथी जजों पर न तो लीगल और न ही सुपरवाइजरी अथॉरिटी है.

हालांकि चीफ जस्टिस को भी बाकी सुप्रीम कोर्ट जजों के बराबर ही माना जाता है. चीफ जस्टिस रोस्टर तय करते हुए बेंच का स्ट्रेंथ भी तय करते हैं. जजों ने कहा कि पिछले काफी समय से इन नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है. इससे संस्था की गरिमा संदेह के घेरे में आती है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
गोल्डन गर्ल मनिका बत्रा और उनके कोच संदीप से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi