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विमानन सुरक्षा की सबसे बड़ी संस्था बनेगी सीआईएसएफ

साल 2030 तक सीआईएसएफ एविएशन सेक्टर में सुरक्षा देने वाली तीसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी होगी

Updated On: Dec 31, 2016 07:09 PM IST

Debobrat Ghose Debobrat Ghose
चीफ रिपोर्टर, फ़र्स्टपोस्ट

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विमानन सुरक्षा की सबसे बड़ी संस्था बनेगी सीआईएसएफ

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने साल 1969 में अपने सफर की शुरुआत की थी. शुरूआत में इसमें 3129 सुरक्षा बल थे. वक्त के साथ सीआईएफ का कारवां बढ़ता गया और आज की तारीख में इसकी ताकत का डंका दुनियाभर में बजता है. इसमें 1.8 लाख जवान और 12 बटालियन हैं.

माना जा रहा है कि साल 2020 तक यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सुरक्षा बल बन जाएगा. यह देश का एकमात्र ऐसा सुरक्षाबल है, जो खुद अपनी सैलरी वहन करता है.

सीआईएसएफ के महानिदेशक ओपी सिंह का दावा कि साल 2030 तक यह विमानन क्षेत्र की सुरक्षा में भी सबसे बड़ी खिलाड़ी हो जाएगी.

ओपी सिंह खुद 1983 बैच के आईपीएस अफसर हैं. फर्स्टपोस्ट डॉटकॉम से एक्सक्लूसिव बातचीत में ओपी सिंह ने सीआईएसएफ को लेकर खुलकर बातचीत की.

फर्स्टपोस्ट- सीआईएसएफ चीफ बनने से पहले आप नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के प्रमुख थे. सीआईएसएफ चीफ बनते वक्त आपके सामने क्या चुनौतियां थी?

ओपी सिंह- मैं पहले भी सीआईएसएफ के साथ काम कर चुका हूं. एक साल तक मेरे देश के 59 एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. सीआईएसएफ के साथ काम करना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है. 1990 के दशक में निजीकरण और वैश्वीकरण के बाद इंडस्ट्रियल सेक्टर में सुरक्षा बल की काफी मांग बढ़ी है.

फर्स्टपोस्ट- 1999 में इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट (आईसी-814) हाइजैक होने के बाद सीआईएसएफ के सामने क्या चुनौतियां हैं? ओपी सिंह- कंधार घटना के बाद सरकार ने भी एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए हैं. खासकर सीआईएसएफ को कई तरह की जिम्मेदारियां दी गई हैं. इस कड़ी में साल 2000 में जयपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा हमें सौंपी गई. इससे पहले इसकी सुरक्षा प्रदेश पुलिस के हवाले थी. साल 2030 तक सीआईएसएफ एविएशन सेक्टर में सुरक्षा देने वाली तीसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी होगी.

फर्स्टपोस्ट- परमाणु और अंतरिक्ष केंद्र जैसी संवेदनशील जगहों की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ की क्या तैयारी है?

ओपी सिंह- परमाणु और अंतरिक्ष केंद्र से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में तैनाती को लेकर हमलोग अलग-अलग तैयारी करते हैं. इसके तहत सीआईएसएफ टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग से लेकर लेटेस्ट गैजेट से भी रू-ब-रू हो रही है.

फर्स्टपोस्ट- सीआईएसएफ के आधुनिकीकरण की क्या योजना है?

ओपी सिंह- सीआईएसएफ का चेहरा बदलने के लिए हमलोगों ने कई कदम उठाए हैं. मसलन, एयरपोर्ट बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए आपको कई तरह के टेक्नोलॉजी गैजेट की जरूरत होती है. इसके लिए सभी सुरक्षाबलों की खास ट्रेनिंग दी जाती है,

Cisf Women

फर्स्टपोस्ट- सीआईएसएफ में महिलाओं की क्या भूमिका है?

जवाब- सीआईएसएफ में पुरुषों के अलावा कई महिला अफसर भी हैं. ये पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करती हैं. एयरपोर्ट और दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में महिला सुरक्षाकर्मी अहम भूमिका निभा रही हैं.

फर्स्टपोस्ट- मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद सीआईएसएफ ने आतंकी खतरे को लेकर क्या तैयारी की है?

ओपी सिंह- मुंबई आतंकी हमलों के बाद सीआईएसएफ एक्ट में संशोधन किए गए हैं. इसके लिए मध्य प्रदेश और यूपी के ग्रेटर नोएडा में खास तौर से सुरक्षा बलों को एंटी-टेरर ट्रेनिंग दी गई है. हमलोग अक्सर मॉक ड्रिल करते रहते हैं.

फर्स्टपोस्ट- नक्सलियों की चुनौतियों से निपटने के लिए सीआईएसएफ की क्या तैयारी है?

ओपी सिंह- सीआईएसएफ नक्सली इलाकों में भी आम लोगों को सुरक्षा मुहैया करा रही है. साथ ही औद्योगिक इलाकों के अलावा जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर इलाकों में भी वह अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभा रही है.

फर्स्टपोस्ट- दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में सीआईएसएफ की कितनी अहमियत है?

ओपी सिंह- हम जानते हैं कि यह हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है. लाखों की तादाद में लोग रोजाना मेट्रो में सफर करते हैं. ऐसे में हमारी चुनौती बढ़ जाती है. मेट्रो और एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए हमलोग मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

फर्स्टपोस्ट- क्या सीआईएसएफ के विस्तार की भी कोई योजना है?

ओपी सिंह- हमलोग कई तरीकों से सीआईएसएफ का विस्तार कर रहे हैं. सरकार ने इसमें 35 हजार बलों को जोड़ने की अपनी मंजूरी दे दी है. इससे हमारा परिवार 1.45 लाख से बढ़कर 1.80 लाख हो जाएगा.

फर्स्टपोस्ट- सीआईएसएफ अकेला ऐसा सुरक्षाबल है जो अपना खर्च खुद वहन करता है

ओपी सिंह- हां, यह बिल्कुल सच है. हमारे ग्राहक ही सुरक्षा मुहैया कराने के बदले हमें पैसे देते हैं. सीआईएसएफ सरकारी प्रतिष्ठानों के साथ निजी संस्थाओं की भी सुरक्षा व्यवस्था संभालता है. इसमें आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी चेन्नई, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, टाटा पावर, इलाहाबाद हाईकोर्ट, तिरूपति मंदिर आदि की हिफाजत हमारे जिम्मे है.

 

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