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CISF: बिना डीजी के हो रहा 1.80 लाख जवानों का नेतृत्व

अर्धसैनिक बल के पिछले पूर्णकालिक महानिदेशक ओ. पी. सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर उनके मूल कैडर में वापस भेजने के बाद से यह पद खाली पड़ा है

Updated On: Feb 25, 2018 09:04 PM IST

Bhasha

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CISF: बिना डीजी के हो रहा 1.80 लाख जवानों का नेतृत्व

देश के हवाई अड्डों, सामरिक परमाणु और एरोस्पेस प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक (डीजी) का पद करीब एक महीने से खाली है.

करीब एक लाख 80 हजार जवानों के संख्याबल वाले सीआईएसएफ के डीजी का पद 22 जनवरी से खाली पड़ा है. अर्धसैनिक बल के पिछले पूर्णकालिक महानिदेशक ओ. पी. सिंह को उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर उनके मूल कैडर में वापस भेजने के बाद से यह पद खाली पड़ा है. सिंह को उत्तर प्रदेश का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया है.

सरकारी सूत्रों ने बताया कि महानिदेशक का पद खाली रहने से फैसले लेने और बड़े नीतिगत कदम उठाने की प्रक्रिया धीमी हुई है. सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया, ‘यह स्वस्थ परंपरा बिल्कुल नहीं है और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में ऐसा बार-बार हो रहा है. यह दिखाता है कि सरकार इतने अहम अर्धसैनिक बल का घोर अनादर करती है.’

अच्छी बात नहीं अर्धसैनिक बलों के इस संगठन में निदेशक न होना 

उत्तर प्रदेश के डीजीपी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डीजी रह चुके प्रकाश देश में पुलिस सुधारों की वकालत करते रहे हैं. उनकी अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर दिशानिर्देश भी जारी किए थे.

उन्होंने कहा, ‘न केवल नीतियां बनाना और फैसले लेना बल्कि पूरा संगठन पूर्णकालिक प्रमुख के नहीं रहने पर प्रभावित होता है. मैं समझ नहीं पा रहा कि जब योग्य आईपीएस अधिकारियों की पर्याप्त संख्या है तो नियमित सीआईएसएफ प्रमुख नियुक्त करने में दिक्कत क्या है.’

केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सीआईएसएफ के डीजी की नियुक्ति प्रक्रिया पिछले महीने से ही चल रही है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘सीआईएसएफ जैसे बड़े और अहम अर्धसैनिक बल को इतने लंबे समय तक प्रमुख विहीन रखना अच्छी चीज नहीं है.’

सुकमा में मारे गए थे 38 सीआरपीएफ जवान, उस वक्त भी खाली थे डीजी के पद 

उन्होंने कहा, ‘पिछले साल सरकार ने दो महीने की देरी के बाद सीआरपीएफ के नए डीजी की नियुक्ति की थी, जिस दौरान नक्सल विरोधी अभियानों में बल को दो बार नुकसान झेलना पड़ा था.’

सीआरपीएफ के प्रमुख का पद जब खाली था तो छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में दो नक्सली हमलों में उसे अपने 38 जवान गंवाने पड़े थे. इन घटनाओं के कुछ ही दिन बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आर. आर. भटनागर को सीआरपीएफ का डीजी नियुक्त कर दिया गया था.

अर्धसैनिक बल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘क्या हम रक्षा बलों को इस तरह प्रमुख विहीन रखते हैं? सीएपीएफ आंतरिक सुरक्षा प्रतिष्ठान में बहुत अहम है और ऐसी देरी से परहेज करना चाहिए.’ सीआईएसएफ देश के 59 नागरिक हवाई अड्डों के अलावा परमाणु ऊर्जा और एरोस्पेस के क्षेत्र की अहम संस्थाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है.

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