live
S M L

चैरिटी के मामले में मुस्लिम और ईसाई से पीछे हैं हिंदू

हिंदू समुदाय चैरिटी पर खर्च कम करते हैं लेकिन आबादी ज्यादा होने के कारण दान की कुल रकम सबसे ज्यादा है

Updated On: Jul 16, 2017 04:52 PM IST

FP Staff

0
चैरिटी के मामले में मुस्लिम और ईसाई से पीछे हैं हिंदू

क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि चैरिटी के मामले में हिंदू समुदाय मुस्लिम और ईसाई समुदाय से पीछे हैं? शायद नहीं! लेकिन  2014-15 के नेशनल सैंपल सर्वे के डेटा तो यही कहते हैं.

दान देने के मामले में ईसाई समुदाय का कोई सानी नहीं है. घर खर्च का सबसे ज्यादा हिस्सा ईसाई समुदाय ही दान में देते हैं. इस मामले में सबसे पीछे हिंदू  हैं. द हिंदू में छपी इस खबर के मुताबिक, टोटल रकम के मामले में हिंदू सबसे ऊपर हैं. लेकिन इसकी वजह दान की रकम नहीं बल्कि आबादी है.

सर्विसेज और ड्यूरेबल गुड्स पर होने वाले घरेलू खर्चों पर किए 72वें नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएस) में इस बात का खुलासा हुआ है. हालांकि रिसर्चर को ये नतीजे आरएसएस की नई फाइंडिग्स से मिले हैं. प्रतिची इंस्टीट्यूट के सबीर अहमद की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के क्रॉफोर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के जकारिया सिद्दिकी की टीम ने नई फाइंडिग्स में से यह डेटा निकाला है.

धार्मिक योगदान दो तरह के होते  हैं. पहला, 'चैरिटी'  और दूसरा नॉन चैरिटेबल होता है जो 'पुजारी या धार्मिक कामों' पर खर्च होता है. हर महीने हिंदू परिवार औसतन 82 रुपए चैरिटी और 92 रुपए पुजारियों पर खर्च करता है. वहीं मुस्लिम समुदाय 126 रुपए चैरिटी और 54 रुपए मौलाना को देते हैं.

खर्च का हिसाब-किताब

रिसर्च के मुताबिक, इस तरह से हिंदूओं के औसत घरेलू खर्च का 174 रुपए धार्मिक कामों में खर्च होता है. वहीं मुसलमानों के लिए यह रकम 180 रुपए है. हालांकि हिंदूओं की आबादी ज्यादा होने के कारण टोटल योगदान मुसलमानों के मुकाबले 6 गुना ज्यादा है. 2014-15 के आंकड़ों के मुताबिक, हिंदू परिवारों की टोटल चैरिटी 15,600 करोड़ रुपए है. वहीं, मुसलमानों के लिए यह आंकड़ा 2580 करोड़ रुपए है.

मुस्लिम समुदाय में ज्यादा चैरिटी की एक वजह जकात भी है. कुरान के मुताबिक, गरीबों की मदद के लिए हर शख्स को अपनी कमाई का 2.5 फीसदी जकात के तौर पर देना चाहिए. हालांकि जकात के तौर पर दी गई रकम को खर्च करने का कोई संगठित तरीका नहीं है.

ईसाई और सिख कहीं आगे

ईसाई और सिख समुदाय का प्रति व्यक्ति धार्मिक योगदान हिंदू और मुस्लिम समुदाय से ज्यादा है. सिख समुदाय ने 2014-15 में टोटल 1716 करोड़ रुपए चैरिटी किए थे. ईसाई के लिए यह 420 करोड़ रुपए रहा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi