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हेडमास्टर ने रुकवाई 10वीं की छात्रा की शादी

बाल विवाह का उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाती हो. लेकिन अभी भी इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है.

FP Staff Updated On: Aug 02, 2017 01:26 PM IST

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हेडमास्टर ने रुकवाई 10वीं की छात्रा की शादी

बाल विवाह रोकने के लिए भले ही कानून बनाया गया हो और इसका उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाती हो. लेकिन इस सब के बाद भी इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है. देश के कई हिस्सों में आज भी बाल विवाह हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना में बाल विवाह का एक मामला सामने आया है, जहां 10वीं क्लास में पढ़ रही एक छात्रा का बाल विवाह कराया जा रहा था. लेकिन छात्रा के स्कूल के हेडमास्टर ने ऐसा नहीं होने दिया.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, हेडमास्टर चंदन कुमार मैती अभी भी छात्रा के लिए चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि इस साल ये पांचवा बाल विवाह है, जो मैंने रोका है, जबकि पिछले तीन सालों में मैं 10 बाल विवाह रुकवा चुका हूं. साथ ही उन्होंने कहा कि मथुरापुर और उसके आसपास के गांवों में बाल विवाह के मामले बढ़ रहे हैं. बाल विवाह का ये मामला भी मथुरापुर का ही है. 10वीं क्लास में पढ़ने वाली ये छात्रा लालपुर गांव की है.

छात्रा के बाल विवाह के बारे में मैती को रविवार को पता चला. रोजाना की तरह वो अपनी मॉर्निंग वॉक पर थे. जब वो अपने कृष्णचंद्रपूर हाई स्कूल के कैंपस से निकले, जहां उनका क्वाटर भी स्थित है, उनकी मुलाकात एक युवक से हुई. युवक ने उन्हें बताया कि उसने डेकोरेटर का बिजनेस शुरू किया है और वो सोमवार को लालपुर में एक शादी में जा रहा है. जब युवक ने मैती को दुल्हन का नाम बताया, तब उन्हें पता चला कि वो उनके स्कूल की ही छात्रा है.

इसके बाद वो छात्रा के घर गए और वहां उसके पिता से उन्होंने कहा कि अगर वो शादी नहीं रोकते हैं, तो वो पुलिस को इसकी जानकारी देंगे. मैती के इस प्रयास के बाद बाल विवाह रोक दिया गया.

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