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बिहार जैसा शराबबंदी कानून लागू करने की तैयारी में छत्तीसगढ़!

छत्तीसगढ़ से आए 11 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने बिहार का 3 दिन का दौरा कर राज्य में लागू मद्य निषेध कानून का गहन अध्ययन किया

Updated On: Jun 30, 2018 05:21 PM IST

Bhasha

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बिहार जैसा शराबबंदी कानून लागू करने की तैयारी में छत्तीसगढ़!

बिहार की तरह छत्तीसगढ़ भी अपने यहां शराबबंदी कानून लागू करने पर विचार कर रहा है. राज्य का 11 सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में बिहार की तीन दिन की यात्रा के बाद शनिवार को वापस लौट गया. इस दौरान उसने पिछले 2 वर्षों से बिहार में लागू मद्य निषेध कानून का अध्ययन किया.

छत्तीसगढ़ के इस प्रतिनिधिमंडल में विधि निर्माता, अधिकारी और अन्य शामिल थे.

इससे पहले पिछले साल नवंबर में कर्नाटक से इसी तरह के एक प्रतिनिधमंडल ने बिहार राज्य का दौरा किया था. प्रतिनिधिमंडल ने आम जनता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी.

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य की महिलाओं से किए गए वादे को पूरा करते हुए अप्रैल 2016 में शराब पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया था.

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल बिहार के मुख्यमंत्री के 1 अणे मार्ग स्थित आधिकारिक आवास पर भी गया लेकिन उनके अस्वस्थ होने की वजह से उनकी नीतीश से मुलाकात नहीं हो सकी. हालांकि, प्रतिनिधिमंडल को पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने मद्य निषेध के अनुभवों के बारे में जानकारी दी. सिंह को रिटायरमेंट के बाद सलाहकार, नीति एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन पद पर नियुक्त किया गया है.

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नीतीश कुमार ने सत्ता में लौटने के बाद अप्रैल 2016 में बिहार में शराबबंदी कानून को लागू किया था

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने शराब बंदी कानून को जांचा-परखा

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल में सांसद दिनेश कश्यप और कमला देवी पाटले, विधायक अशोक कुमार साहू और रोहित कुमार साई के अलावा राज्य के आबकारी सचिव डी डी सिंह समेत अन्य लोग शामिल थे.

पटना स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के सलाहकार अंजनी सिंह को बताया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों की यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि मद्य निषेध के कदम से महिलाएं काफी खुश थीं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मद्य निषेध के समर्थन में हैं और ‘इस कदम को लागू करने के लिये माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं.'

अंजनी सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि राज्य ने अप्रैल 2016 में शराब की बिक्री और सेवन पर यह जानते हुए प्रतिबंध लगाया कि इससे सालाना 5 हजार करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन लोग इससे प्रति वर्ष 15 हजार करोड़ रुपए तक की बचत कर सकेंगे जो वो शराब पर खर्च कर रहे थे.

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि लोग अब अपने बच्चों की शिक्षा पर अधिक खर्च कर रहे हैं और अपने जीवन स्तर में सुधार कर रहे हैं. इससे अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और घरेलू हिंसा की घटनाओं में कमी आई है.

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