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मौत को चकमा देकर फिर ड्यूटी पर लौटे CRPF कमांडेंट चीता

2017 में चेतन ने जम्मू कश्मीर में 9 गोलियां खाने के बावजूद लश्कर के आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया था. इसके बाद वो दो महीने तक कोमा में भी रहे

Updated On: Mar 20, 2018 01:14 PM IST

FP Staff

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मौत को चकमा देकर फिर ड्यूटी पर लौटे CRPF कमांडेंट चीता

पिछले साल 9 गोलियां लगने के कारण बुरी तरह घायल हुए सीआरपीएफ कमांडर चेतन चीता एक बार फिर ड्यूटी पर वापस लौट आए हैं. डॉक्टरों की मानें तो ये किसी करिश्मे से कम नहीं है.

2017 में चेतन ने जम्मू कश्मीर में 9 गोलियां खाने के बावजूद लश्कर के आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया था. इसके बाद वो दो महीने तक कोमा में भी रहे. इलाज चलने के बाद अब चेतन एक बार फिर वापस लौट आए हैं. फिलहाल चेतन को सीआरपीएफ डायरेक्टरेट में तैनाती दी गई है और वह अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रह हैं.

अधिकारियों का कहना है कि चेतन अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं इसलिए उन्हें फ्रंट पर पोस्टिंग नहीं दी सकती. टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में चेतन की पत्नी उमा सिंह ने बताया चेतन अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए हैं. उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में अभी समय लगेगा. उमा सिंह ने बताया कि चेतन ड्यूटी पर वापस लौटने को लेकर काफी खुश हैं और उम्मीद कर रहे हैं की उन्हें फिर से फ्रंट पर पोस्टिंग दी जाएगी.

पिछले साल क्या हुआ था?

हमेशा दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने वाले चीता पिछले साल 14 फरवरी को बांदीपोरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हो गए थे. उस समय चेतन सीपीआरएफ की 45वीं बटालियन में कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर तैनात थे. चेतन को उस मुठभेड़ में 9 गोलियां लग गई थी. इसकी वजह से उनके दिमाग, दाईं आंख, पेट, दोनों बाहों, बाएं हाथ और हिप्स पर चोट लग गई थी. इस मुठभेड़ में चेतन अकेले ही आतंकियों से भिड़ गए थे. आतंकियों के पास खतरनाक हथियार होने के बावजूद चेतन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबु मुसाब को मारने में कामयाब हो गए थे. पिछले स्वतंत्रता दिवस पर चेतन अपनी बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र से भी सम्मानित हो चुके हैं.

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