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नक्सलियों से सहानुभूति रखने वालों को जल्दी ही निष्प्रभावी कर दिया जाएगा: रमन सिंह

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार 2003 से ही नक्सलियों का सफाया करने की एक योजना पर काम कर रही है और यह रणनीति नतीजा दिखाने लगी है

Updated On: Sep 24, 2018 10:39 PM IST

Bhasha

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नक्सलियों से सहानुभूति रखने वालों को जल्दी ही निष्प्रभावी कर दिया जाएगा: रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार विकास परियोजनाओं के जरिए जल्दी ही नक्सलियों को जल्दी ही खत्म करने की कोशिश कर रही है. इसमें उनसे सहानुभूति रखने वालों से मिलने वाले वैचारिक और वित्तीय समर्थन को निष्प्रभावी करने की कोशिश की जा रही है. सिंह ने कहा- राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों समेत कई विकास गतिविधियों को रेखांकित किया गया है. वह सबसे लंबे समय से राज्य के मुख्यमंत्री हैं.

सिंह ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में लगातार चौथी बार भाजपा की सरकार बनने का विश्वास जताया. 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत में होने वाले हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार 2003 से ही नक्सलियों का सफाया करने की एक योजना पर काम कर रही है और यह रणनीति नतीजा दिखाने लगी है.

उन्होंने कहा, 'हमने ज्यादातर क्षेत्रों (नक्सल प्रभावित) में विकास किया है और उससे भी अधिक हम लोगों का भरोसा जीतने में कामयाब हुए हैं. नक्सलियों को हतोत्साहित किया जा रहा है और नक्सली गतिविधियां कम हो रही हैं.'

माओवादियों को दिल्ली से लेकर रायपुर तक समर्थन हासिल:

माओवादियों से सहानुभूति रखने वालों का उल्लेख करते हुए सिंह ने कहा कि नक्सलियों को रायपुर से लेकर दिल्ली तक काफी जबर्दस्त समर्थन हासिल है.

मुख्यमंत्री ने कहा, 'मेरा मानना है कि नक्सलियों और उनकी विचारधारा को काफी मजबूत समर्थन हासिल है. वे अपने मामलों को लड़ने के लिए बड़े वकील रखते हैं. इसलिए वे आर्थिक रूप से भी मजबूत हैं.' सिंह ने कहा, 'उनकी (नक्सली) विचारधारा के लोग हैं जो हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उनका समर्थन करते हैं.'

हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि इन सहानुभूति रखने वालों को जल्दी 'निष्प्रभावी' कर दिया जाएगा.

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सिंह ने कहा, 'जैसे जैसे नक्सली कमजोर हो रहे हैं, वैसे वैसे वे (सहानुभूति रखने वाले) भी कमजोर होंगे. यह लड़ाई (नक्सलियों और उनके समर्थकों पर अंकुश लगाने) छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों की है.'

सिंह ने कहा, 'हम (नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने में) सफल हो रहे हैं और यह समर्थन व्यवस्था भी शीघ्र निष्प्रभावी होगी.' उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कुछ मानवाधिकार समर्थक नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

क्या सिर्फ नक्सलियों के मानवाधिकार हैं?

सिंह ने कहा, 'वे मानवाधिकार उल्लंघन का शोर मचाते हैं. वे मेरे पास भी आए थे. मैंने उनसे पूछा कि क्या मानवाधिकार सिर्फ नक्सलियों के ही हैं या आम लोगों के भी. वे (नक्सली) उनके बच्चों, लड़कियों का अपहरण कर लेते हैं और उनके स्कूलों को नष्ट कर देते हैं.'

सिंह ने कहा, 'वे सबसे बड़े मानवाधिकार का उल्लंघन करने वाले हैं क्योंकि वे समूचे क्षेत्र को बंधक बनाकर रखते हैं. क्यों आप (सहानुभूति रखने वाले और मानवाधिकार के रक्षक) तब नहीं बोलते हैं? आप सिर्फ उनके (नक्सलियों) के बारे में सोचते हैं?'

उनकी बातों का इसलिए महत्व है क्योंकि कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को पिछले महीने देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ्तार किया गया था. इसमें राज्य पुलिस बल ने छत्तीसगढ़ के भी एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया था. हाई कोर्ट एक इतिहासकार की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है.

राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के बारे में बात करते हुए सिंह ने कहा कि भाजपा को अपनी जीत का भरोसा है. चुनाव के बाद बीजेपी अपनी सरकार बनाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, 'पिछले तीन चुनावों के अनुभव बताते हैं कि हम इस चुनाव में बेहतर स्थिति में होंगे. बीजेपी अध्यक्ष (अमित शाह) ने राज्य में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है. हम उसे हासिल करने के लिए तैयार हैं. बूथ स्तर तक के हमारे कार्यकर्ता अपना काम कर रहे हैं. हमें भरोसा है कि हम इस बार भी जीत हासिल करेंगे.'

रमन सिंह दिसंबर 2003 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने उन बातों को खारिज कर दिया कि राज्य में उनकी सरकार से लोग खफा हैं.

 

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