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चंडीगढ़: अस्पताल परिसर से ज्यादा गुरुद्वारे में रुकना पसंद करते हैं लोग

गुरुद्वारे में कुल 170 लोगों को ही बैड मिल पाता है जबकि बाकि लोग जमीन पर दरी बिछा कर ही सो जाते हैं

Updated On: Dec 15, 2018 03:45 PM IST

FP Staff

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चंडीगढ़: अस्पताल परिसर से ज्यादा गुरुद्वारे में रुकना पसंद करते हैं लोग

चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में इलाज के लिए आने वाले ज्यादातर लोग परिसर में न रुक कर पास के ही गुरुद्वारे में ठहरना पसंद करते हैं. इसके बहुत सारे कारण हैं. जिनमें से प्रमुख है मुफ्त में साफ-सुथरी जगह का प्रबंध.

गौरतलब है कि अस्पताल में सराय की सुविधा भी है. लेकिन लोग नजदीक के एक गुरुद्वारे में ठहरना ज्याद पसंद करते हैं. अस्पताल के पास वाले इस गुरुद्वारे को आनंदपुर साहिब के 96 साल के बाबा लाभ सिंह जी चलाते हैं. इसी गुरुद्वारे में जो हॉल है उसमें रोजाना करीब 3000 लोग रुकने के लिए आते हैं. जिनमें से ज्यादातर अस्पताल आए हुए मरीज या उनके रिश्तेदार होते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक लोग सराय में न जाकर गुरुद्वारे में ही रुकते हैं. क्योंकि सराय का खर्च इतना ज्यादा होता है कि लोग उन पैसों को दवाईयों के लिए खर्च करना ज्याद बेहतर समझते हैं. गुरुद्वारा प्रबंधक के पोते सुखजीत सिंह ने बताया कि सर्दियों के कारण आज-कल ज्यादा लोग आ रहे हैं. यह भीड़ इतनी होती है कि गुरुद्वारा प्रबंधन हर किसी को बिस्तर और चादर भी उपलब्ध नहीं करा पाता है.

इस गुरुद्वारे के हॉल में 85 डबल-डैक बैड हैं, जो की चार लाइनों में लगे हुए हैं. गुरुद्वारा अस्पताल परिसर से करीब 200 मीटर की दूरी पर है. और यहां 24 घंटे लंगर भी चलती है. गुरुद्वारे में कुल 170 लोगों को ही बैड मिल पाता है जबकि बाकि लोग जमीन पर दरी बिछा कर ही सो जाते हैं.

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