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छेड़छाड़ की शिकार लड़की ने फेसबुक पर बयां किया 'अपना दर्द'

छेड़छाड़ और पीछा करने का आरोप हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला पर लगा है

FP Staff Updated On: Aug 06, 2017 06:07 PM IST

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छेड़छाड़ की शिकार लड़की ने फेसबुक पर बयां किया 'अपना दर्द'

चंडीगढ़ में लड़की से हुई छेड़छाड़ और पीछा करने के मामले में बीजेपी घिरती नजर आ रही है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा और दोषियों को सजा दी जाएगी. उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला पर कार्रवाई की बात से इनकार किया. सीएम खट्टर ने कहा कि क्या बेटे की गलती की सजा पिता को दी जाएगी.

पीड़ित लड़की ने कहा कि वो खुशकिस्मत है कि वो किसी आम आदमी की बेटी नहीं है. पीड़ित लड़की हरियाणा के एक सीनियर आईएएस अफसर की बेटी है. उसकी कार का एसयूवी सवार दो लोगों ने पीछा किया और कई बार उसकी कार को रोकने की कोशिश हुई.

पीड़ित के मुताबिक अगर वक्त पर पुलिस नहीं आती तो उसके साथ कुछ भी हो सकता था.

शनिवार रात को हुई इस घटना में चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को गिरफ्तार कर लिया था. उसके खिलाफ चंडीगढ़ सेक्टर 26 पुलिस थाने में छेड़छाड़ करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया. बाद में विकास को बेल पर जमानत दे दी गई.

छेड़छाड़ की शिकार लड़की ने फेसबुक पर अपनी डरावनी आपबीती बयान की है.

पीड़ित लड़की ने अपने फेसबुक पोस्ट में जो कुछ लिखा वो इस तरह है... 

चंडीगढ़ पुलिस को शुक्रिया जिसने मेरे कॉल पर एक्शन लिया. पुलिस ने सिस्टम में मेरे भरोसे को फिर से जिंदा कर दिया है. सेक्टर 8 मार्केट से मैं रात 12.15 बजे घर जाने के लिए निकली. फोन पर एक दोस्त से बात करते हुए सड़क पार कर मैं सेक्टर 7 में घुसी ही थी कि तभी मुझे लगा कि एक एसयूवी गाड़ी मेरा पीछा कर रही है. सफेद रंग की एक एसयूवी गाड़ी मेरी कार के साथ-साथ चलने लगी. मैं सेक्टर 7 से सेक्टर 26 के सेंट जॉन्स की तरफ बढ़ रही थी.

एसयूवी में सवार दो लड़के आधी रात को एक अकेली लड़की से छेड़छाड़ कर मस्ती कर रहे थे. ये लोग इस तरह मेरा पीछा कर रहे थे कि मुझे लगा- ये मेरी कार को टक्कर मार देंगे. यह देखकर मैं अलर्ट हो चुकी थी इसलिए मैंने सेंट जॉन्स से राइट टर्न लेने का प्लान किया जो थोड़ा बिजी और सेफ माना जाता है. लेकिन राइट टर्न लेने वक्त एसयूवी ने रास्ता रोक दिया जिससे मुझे सीधे सेक्टर 26 को जाने वाली रोड लेनी पड़ी.

Facebook Post

(फेसबुक वॉल से साभार )

मैंने अगली टर्न पर फिर राइट लेने की कोशिश की लेकिन इस बार तो उन लोगों ने सीधे मेरी कार के सामने अपनी गाड़ी लगाई और पैसेंजर सीट पर बैठा लड़का उतर कर मेरी तरफ बढ़ने लगा. मैंने तुंरत बैक गियर लगाई और इससे पहले कि वो फिर मेरे पास आते, तेजी से अगला राइट टर्न लिया. इस दौरान मैंने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को अपनी हालत और लोकेशन बताई.

फोन पर पुलिस ने कहा कि वो जल्दी पहुंच रहे हैं. मैं अब मेन रोड पर पहुंच चुकी थी और 15 सेकेंड से एसयूवी नहीं दिखी तो मुझे लगा कि मुझे फोन करता देखकर वो भाग गए होंगे लेकिन मैं गलत थी. मेरे हाथ कांप रहे थे, कमर जकड़ रही थी, कुछ हक्की-बक्की और कुछ आंखों में आंसू लिए मैं ये सोच रही थी कि पता नहीं आज सही सलामत घर लौट पाऊंगी या नहीं.

एसयूवी सवार लड़कों ने 6 किलोमीटर तक लगातार मेरा पीछा किया. इस रोड के आखिर में ट्रैफिक लाइट के पास मेरी कार का रास्ता रोक दिया. पैसेंजर सीट से फिर एक लड़का उतरकर मेरी तरफ बढ़ा, पता नहीं कैसे लेकिन मैंने कार को रिवर्स गियर में डाला और राइट की तरफ दिखी थोड़ी सी जगह से लगातार हॉर्न बजाती कार निकाली ताकि वहां गुजर रही दूसरी गाड़ियां मेरी हॉर्न सुनकर देखें कि क्या प्रॉब्लम है जो ये लगातार हॉर्न बजा रही है. तब तक वो लड़का मेरी कार के पास-पास आ चुका था. उसने मेरे कार के विंडो पर जोर से हाथ मारा और गेट खोलने की कोशिश की. तभी मेरी नजर एक पुलिस की गाड़ी पर पड़ी, मैं लगातार हॉर्न बजा रही थी.

कुछ पुलिस वाले दौड़कर आए और एसयूवी वालों को पकड़ा. डर से कांपती मैं सीधे घर गई और अपने पिता वीरेंद्र कुंडु को सब कुछ बताया और फिर उनके साथ एफआईआर करने वापस गई. दोनों लड़के गिरफ्तार हो चुके थे जो पक्के तौर पर रसूखदार फैमिली से हैं और राजनीतिक कनेक्शन रखते हैं.

चंडीगढ़ पुलिस को शुक्रिया क्योंकि अगर उनके जवान समय पर नहीं आते तो शायद आज मैं ये स्टेट्स नहीं लिख पाती. अगर देश के सबसे सेफ शहर में एक लड़की के साथ ऐसा हो रहा है तो हम कहां जा रहे हैं. मैं चकित हूं कि जिस शहर में हर रेड लाइट पर कैमरा लगा है और हर 200 मीटर पर पुलिस वाले हैं वहां इन लड़कों ने कैसे सोच लिया कि ये मेरी कार में घुस सकते हैं या मुझे अपनी कार में खींच सकते हैं. सिर्फ इसलिए कि वो एक रसूखदार फैमिली से हैं.

ऐसा लगता है कि मैं एक आम आदमी की बेटी ना होने की वजह से खुशकिस्मत हूं नहीं तो इन वीआईपी लोगों के खिलाफ खड़ा होने की उनके पास क्या ताकत होती है. मैं इसलिए भी खुशकिस्मत हूं क्योंकि मैं रेप के बाद किसी नाले में मरी नहीं पड़ी हूं. अगर ये चंडीगढ़ में हो सकता है तो कहीं भी हो सकता है.

लेडीज, अपनी सुरक्षा के लिए खुद सतर्क रहें, कोई गाड़ी अगर आपको तंग कर रहा है तो उसकी गाड़ी का नंबर नोट करिए. जैसे ही कोई पीछा करना शुरू करे तुरंत पुलिस को फोन करिए. अपने मां-बाप को फोन करिए और उनको बताइए कि आप कहां हैं और किस हालत में हैं. सुरक्षित तरीके से जैसे भी भाग सकती हैं, भागने की कोशिश करिए. आपकी जान सबसे बड़ी चीज है. अगर वो आपके पास आता है तो जो भी चीज मिले उसे हथियार बनाकर खुद को बचाइए. पिछली रात तक मैं किसी भी हथियार की फैन नहीं थी, चाहे वो बंदूक हो, डंडा हो, गोल्फ स्टिक हो या चाकू लेकिन ये आपको ज्यादा सेफ और आत्मविश्वास से भरे होने का अहसास कराएंगे.

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