S M L

दूसरे राज्यों में नहीं जा सकेंगे NRC से बाहर हुए 40 लाख लोग, सरकार लेगी बायोमीट्रिक रिकॉर्ड

पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों ने आशंका जताई है कि वैसे लोग जिनके नाम एनआरसी के दूसरे और अंतिम मसौदे में शामिल नहीं हैं, वे अन्य राज्यों में पलायन कर सकते हैं

Updated On: Aug 01, 2018 10:46 AM IST

FP Staff

0
दूसरे राज्यों में नहीं जा सकेंगे NRC से बाहर हुए 40 लाख लोग, सरकार लेगी बायोमीट्रिक रिकॉर्ड

केंद्र ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह उन 40 लाख लोगों के बायोमीट्रिक्स का ब्यौरा लेने पर विचार कर रहा है जिनके नाम असम में एनआरसी के अंतिम मसौदा में शामिल नहीं हैं. ताकि गलत पहचान के आधार पर अन्य राज्यों में उनके प्रवेश को रोका जा सके.

केंद्र की ओर से उपस्थित अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आर.एफ. नरीमन की पीठ से कहा कि पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों ने आशंका जताई है कि वैसे लोग जिनके नाम एनआरसी के दूसरे और अंतिम मसौदे में शामिल नहीं हैं, वे अन्य राज्यों में पलायन कर सकते हैं.

वेणुगोपाल ने कहा, 'उन राज्यों की आशंकाओं को दूर करने के लए सरकार 40 लाख से अधिक लोगों का बायोमीट्रिक डेटा एकत्र करने पर विचार कर रही है, ताकि अगर उन्हें विदेशी घोषित किया जाए और वे गलत पहचान के आधार पर दूसरे राज्यों में चले जाए तो संबंधित अधिकारी उनका पता लगा सकें.'

कोर्ट ने क्या कहा?

इस पर पीठ ने कहा कि सरकार जो भी करना चाहती है वो कर सकती है और न्यायालय इसकी जांच करेगा. पीठ ने कहा, 'आप जो भी चाहें करें, फिलहाल हम टिप्पणी करना नहीं चाहेंगे. आप इसे करें और तब हम इसकी जांच करेंगे. हमारी चुप्पी सहमति या आश्वासन का प्रतीक नहीं है.'

Assam NRC Draft

शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन 40 लाख से अधिक लोगों के नाम एनआरसी के अंतिम मसौदे में शामिल नहीं हैं, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी क्योंकि यह सिर्फ मसौदा है. पीठ ने केंद्र को दावों और मसौदा एनआरसी के प्रकाशन से उपजी आपत्तियों पर फैसला करने के लिए समय-सीमा तय करने समेत इसका स्वरूप और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने को कहा.

20 हजार ट्रांसजेंडरों ने मांगा NRC फॉर्म भरने का दूसरा मौका

पीठ ने केंद्र से इसके तौर-तरीके और एसओपी 16 अगस्त तक मंजूरी के लिए उसे सौंपने को कहा. सुनवाई के अंत में ट्रांसजेंडरों के एक संगठन ने पीठ से अनुरोध किया कि वह 20 हजार ट्रांसजेंडरों को एनआरसी फॉर्म भरने का दूसरा मौका दे.

पीठ ने कहा, 'आपने मौका गंवा दिया. हम समूची कवायद को अब दोबारा शुरू नहीं कर सकते.' कोर्ट ने हालांकि कहा कि वह मुख्य मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 16 अगस्त को सभी वादकालीन आवेदनों (इंटरलोक्यूटरी ऐप्लिकेशन) पर सुनवाई करेगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi