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स्कूलों को सीबीएसई का निर्देश, सुनिश्चित करें तिरंगे का अपमान न हो

बोर्ड ने सरर्कुलर जारी कर कहा- राष्ट्रध्वज से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन हो और ध्यान रखें कि तिरंगे का अपमान न हो

Updated On: Mar 17, 2017 08:32 PM IST

Bhasha

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स्कूलों को सीबीएसई का निर्देश, सुनिश्चित करें तिरंगे का अपमान न हो

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपने से मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि, वह राष्ट्रध्वज से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करें और ध्यान रखें कि तिरंगे का अपमान न हो.

बोर्ड ने जारी एक सरर्कुलर में कहा, ‘सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों को यहां निर्देश दिया जाता है कि वह भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराएं.’

भारतीय ध्वज संहिता के मुताबिक तिरंगा उचित आकार में सिर्फ हाथ की बुनाई वाले ऊन, सूती, खादी या रेशमी कपड़े का ही हो और उसका कारोबारी इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.

संहिता के मुताबिक, ‘अगर ध्वज किसी स्कूल या शिक्षण संस्थान में फहराया जाना है तो छात्रों को खुले में ध्वज के तीन तरफ खड़े होना चाहिये और चौथी तरफ बीच में ध्वजदंड होना चाहिये. इसके बाद राष्ट्रगान गाकर तिरंगे को सलामी दी जानी चाहिये.’

राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम सार्वजनिक स्थलों या ऐसी जगह जो सबकी नजर में आये में किसी शख्स को राष्ट्रध्वज के जलाने, उसे फाड़ने, बिगाड़ने, खराब करने या पैरों के नीचे कुचलने से रोकता है.

स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वह सांस्कृतिक या खेल आयोजनों के दौरान प्लास्टिक के झंडों का इस्तेमाल करने के बजाये कागज के झंडों का इस्तेमाल करें. साथ ही ये सुनिश्चित करें कि कार्यक्रम के बाद इन्हें मैदान में ही फाड़ा या छोड़ न दिया जाए.

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