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CBI Vs CBI: इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने नहीं सुनाया आलोक वर्मा पर फैसला

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर तक के लिए टाल दी है

Updated On: Nov 20, 2018 12:12 PM IST

FP Staff

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CBI Vs CBI: इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने नहीं सुनाया आलोक वर्मा पर फैसला

सीबीआई बनाम सीबीआई केस में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अहम फैसला आना था. सुप्रीम कोर्ट को सीबीआई चीफ आलोक वर्मा की याचिका पर फैसला देना था. आलोक वर्मा ने सरकार द्वारा उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट में आलोक वर्मा के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी जांच की रिपोर्ट सौंपी गई थी.

सोमवार को इस पर आलोक वर्मा का जवाब भी दाखिल हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने आलोक वर्मा को सिर्फ इसलिए जवाब दाखिल करने में कुछ और वक्त देने से इनकार कर दिया क्योंकि कोर्ट को मंगलवार को फैसला देना था. लेकिन मंगलवार को महज थोड़ी ही देर चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सुनवाई 29 नवंबर के लिए टाल दी. आखिर क्यों?

जैसे ही इस केस की सुनवाई शुरू हुई, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा के सीलबंद लिफाफे की बातें मीडिया में जाने और सार्वजनिक होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और वर्मा के वकील को फटकार भी लगाई. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि आपमें से कोई भी सुनवाई के लायक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को टाल दिया और अब इस केस में 29 नवंबर को शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को सील बंद लिफाफे की महत्वपूर्ण जानकारी लीक करने के लिए आलोक वर्मा को फटकार भी लगाई. इस पर वर्मा के वकील फली एस नरीमन ने जवाब दिया कि हम क्या करें, जब हमारे आसपास हर कोई जासूसी कर रहा है और कुछ जानकारी लेने की कोशिश में है.

सीजेआई ने कहा- आप सुनवाई के लायक नहीं

सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई के दौरान सीजेआई रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा के वकील फली एस नरीमन को एक मीडिया रिपोर्ट सौंपी. इस रिपोर्ट में आलोक वर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए सीलबंद जवाब के कंटेट थे. कोर्ट का कहना था कि जब रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में सौंपी गई तब लीक कैसे हुई?

सीवीसी जांच रिपोर्ट के जवाब में गोपनीयता की कमी के कारण सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना था कि अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षित हों. इसी कारण हमने गोपनीयता की मांग की थी लेकिन हमें ऐसा लगता है कि आप से कोई भी सुनवाई का हकदार है.

सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को आलोक वर्मा पर फैसला सुनाना था. लेकिन जिस तरह से इस पूरी गोपनीय मामले की जानकारी मीडिया में लीक हुई उसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के थोड़ी ही देर बाद मामले को 29 नवंबर तक के लिए टाल दिया.

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