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सबूत जुटाने ब्रजेश ठाकुर के शेल्टर होम पहुंची CBI टीम, NGO का लाइसेंस रद्द

मामले में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उनके एनजीओ के नाम से जहां-जहां और जिन-जिन बैंकों में खाते हैं उन सभी को फ्रीज कर दिया गया है

Updated On: Aug 11, 2018 10:59 AM IST

FP Staff

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सबूत जुटाने ब्रजेश ठाकुर के शेल्टर होम पहुंची CBI टीम, NGO का लाइसेंस रद्द

मुजफ्फरपुल गर्ल्स शेल्टर होम रेप कांड मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शनिवार को केस से जुड़े सबूत जुटाने के लिए यहां का दौरा किया है. सीबीआई के साथ फॉरेंसिक की टीम भी मौजूद है.

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर के बेटे राहुल आनंद को फोन कर वहां बुलाया है. इसके अलावा वहां जेसीबी मशीन को भी मंगवाया गया है. इससे यह माना जा रहा है कि शेल्टर होम परिसर (कैंपस) में फिर से खुदाई कराई जा सकती है.

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार जांच टीम मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के घर और उसके अखबार के दफ्तर भी जाने वाली है.

इससे पहले बिहार सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मामले में ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ का रजिस्ट्रेशन (लाइसेंस) रद्द कर दिया है. सरकार के समाज कल्याण विभाग की इस संबंध में अनुशंसा के आधार पर निबंधन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की. विभाग पहले ही ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ की ओर से संचालित सभी शेल्टर्स होम को बंद करने का आदेश जारी कर चुका है.

वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी ब्रजेश ठाकुर की संस्था को बिहार एड्स कंट्रोल सोसाइटी की ओर से वर्षों से मिल रहे सभी प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है. विभाग ने अब तक मिले सभी कॉन्ट्रैक्ट और अन्य कार्यों की जांच के लिए जांच दल का भी गठन किया है.

ब्रजेश ठाकुर

ब्रजेश ठाकुर (फोटो: न्यूज़18)

साथ ही ब्रजेश और उनके एनजीओ के नाम से जहां-जहां और जिन-जिन बैंकों में खाते हैं उन्हें फ्रीज कर दिया गया है. मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने ब्रजेश ठाकुर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों या उनके एनजीओ से जुड़े लोगों के नाम पर चल और अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है.

इसके अलावा इनकम टैक्स विभाग ने भी मामले की जांच के लिए अपनी एक टीम भेजने का निर्णय लिया है.

ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ संचालित गर्ल्स शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों से रेप और यौन शोषण

बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई (टीआईएसएस) ने अपने सोशल ऑडिट के आधार पर मुजफ्फरपुर के साहु रोड स्थित बालिका सुधार गृह (शेल्टर होम) में नाबालिग लड़कियों के साथ कई महीने तक रेप और यौन शोषण होने का खुलासा किया था.

इस खुलासे के बाद बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. इसे लेकर नीतीश सरकार की काफी किरकिरी हो रही है. इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार को निशाना बना रही हैं.

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मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम में रहने वाली 34 नाबालिग लड़कियों के साथ मेडिकल रिपोर्ट में रेप और यौन शोषण की पुष्टि हुई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मेडिकल जांच में शेल्टर होम की कम से कम 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हुई है. पीड़ित कुछ बच्चियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था फिर उनके साथ रेप किया जाता था. इस दौरान उनके साथ मारपीट भी होती थी. पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब उनकी बेहोशी छंटती थी और वो होश में आती थीं तो खुद को निर्वस्र (बिना कपड़ों) पाती थीं.

28 जुलाई को सीबीआई की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी. इस हाई प्रोफाइल केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत कई आरोपी जेल में हैं.

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