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लोन डिफॉल्टर मामले में CBI ने स्टर्लिंग बायोटेक के खिलाफ FIR दर्ज की

सीबीआई का आरोप है कि कंपनी ने आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले समूह से 5000 करोड़ रुपए से अधिक का लोन लिया जो बाद में एनपीए में बदल गया

Updated On: Oct 28, 2017 07:12 PM IST

Bhasha

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लोन डिफॉल्टर मामले में CBI ने स्टर्लिंग बायोटेक के खिलाफ FIR दर्ज की

सीबीआई ने 5,585 करोड़ रुपए से अधिक कर्ज राशि के चूक के मामले में स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है. कंपनी के खिलाफ वरिष्ठ कर अधिकारियों को कथित रूप से घूस देने का मामले में जांच पहले ही चल रही है.

एजेंसी ने गुजरात की स्टर्लिंग बायोटेक, इसके निदेशक चेतन जयंतीलाल संदेसारा, दीप्ति चेतन संदेसारा, राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित, नितिन जयंती लाल और विलास जोशी, चार्टर्ड एकाउंटेंट हेमंत हथी, आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

सीबीआई का आरोप है कि कंपनी ने आंध्रा बैंक की अगुवाई वाले समूह से 5000 करोड़ रुपए से अधिक का लोन लिया जो बाद में एनपीए में बदल गया.

एफआईआर के अनुसार समूह कंपनियों के खिलाफ 31 दिसंबर, 2016 तक 5,383 करोड़ रुपए का बकाया था. इसमें आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने अपने चार्टर्ड एकाउटेंट (सीए) के साथ मिलकर कंपनी के रिकार्ड में हेराफेरी की.

आपको बता दें कि सीबीआई ने आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में अगस्त में कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

उस एफआईआर के मुताबिक आयकर अधिकारियों ने 28 जून, 2011 को स्टर्लिंग बायोटेक लि के 25 ठिकानों पर छापे मारे थे. इस कार्रवाई में एक डायरी मिली थी जिसमें धन के लेनदेन हाथ से लिखी गई थी. इनमें से संबंधित कुछ नामों में आगे आईटभी या कमिश्नर आदि शब्द जोड़े गए थे.

मौजूदा मामले में सीबीआई ने नामजद लोगों पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, जालसाजी और भष्टाचार आदि के आरोप लगाए हैं.

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