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टेलीफोन एक्सचेंज मामला: सीबीआई ने किया मारन बंधुओं की याचिका का विरोध

सीबीआई की ओर से दायर अतिरिक्त हलफनामे पर जवाब देने के लिए मारन बंधुओं के वकील के अतिरिक्त समय मांगने के बाद न्यायाधीश ने सुनवाई स्थगित कर दिया

Updated On: Nov 10, 2017 06:12 PM IST

Bhasha

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टेलीफोन एक्सचेंज मामला: सीबीआई ने किया मारन बंधुओं की याचिका का विरोध

अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन की ओर से दायर आरोपमुक्ति याचिका (डिस्चार्ज प्ली) पर सीबीआई ने विरोध जताया.

सीबीआई मामलों के एडिशनल जज एस नटराजन के समक्ष मामला आने पर जांच एजेंसी ने मारन बंधुओं द्वारा पेश इस आरोपमुक्ति याचिका का कड़ा विरोध किया.

सीबीआई अपनी इस बात पर कायम रही कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के संबंध में ठोस और लिखित सबूत मौजूद हैं. सीबीआई चाहती है कि विशेष अदालत दोनों की ओर से पेश आरोपमुक्ति याचिका खारिज करे और उसने एक अतिरिक्त हलफनामा भी दायर किया.

21 नवंबर को अगली सुनवाई

सीबीआई की ओर से दायर अतिरिक्त हलफनामे पर जवाब देने के लिए मारन बंधुओं के वकील के अतिरिक्त समय मांगने के बाद न्यायाधीश ने सुनवाई स्थगित कर दिया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख तय की.

शुक्रवार को अदालत ने पेशी से छूट की मांग वाली दोनों की अर्जी मंजूरी कर दी थी. जांच एजेंसी के अनुसार जून 2004 से दिसंबर 2006 के दौरान बतौर केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री दयानिधि मारन ने कथित रूप से अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और चेन्नई स्थित अपने घर पर एक निजी टेलीफोन एक्सचेंज की स्थापना की तथा इसका इस्तेमाल सन नेटवर्क से जुड़े हुए से कारोबारी लेन-देन के लिए किया.

इसने बताया कि इसके कारण सरकारी खजाने को 1.78 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

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