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पीएनबी घोटाले में सीबीआई की पहली चार्जशीट में कितना दम?

सीबीआई और ईडी नीरव मोदी को भारत लाने की लगातार कोशिश कर रही है. दोनों के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई, लेकिन दोनों अभी भी भारतीय जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है

Updated On: May 15, 2018 09:24 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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पीएनबी घोटाले में सीबीआई की पहली चार्जशीट में कितना दम?

सीबीआई ने साढ़े चौदह करोड़ रुपए पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी सहित कुछ दूसरे लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. इसके बाद बैंक अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है.

इलाहाबाद बैंक के बोर्ड ने मंगलवार को अपनी एमडी एवं सीईओ उषा अनंत सुब्रमण्यन से उनके सभी अधिकार और शक्तियां वापस ले ली है. उषा अनंतसुब्रमण्यन इलाहाबाद बैंक में जाने से पहले मई 2017 तक पंजाब नेशनल बैंक की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक थीं.

सोमवार को चार्जशीट दाखिल 

सीबीआई ने सोमवार को पीएनबी धोखाधड़ी मामले में पहली चार्जशीट दायर की. यह चार्जशीट 31 जनवरी को दर्ज पहले FIR के आधार पर तैयार किया गया है. इस चार्जशीट में नीरव मोदी, पत्नी अमी, भाई निशल और मामा मेहुल चोकसी को आरोपी बनया गया है. यह FIR पीएनबी जोनल कार्यालय मुंबई ने दर्ज कराई गई थी. पीएनबी घोटाले में सीबीआई ने अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है. इस घोटाले के दो मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी फरार है.

मुंबई की विशेष अदालत में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में लिखा है कि पीएनबी के कुछ अधिकारियों के साथ नीरव मोदी और उसके भाई निशाल मोदी और कंपनी के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है. खासतौर पर यह चार्जशीट पहली एफआईआर से संबंधित है. इस एफआईआर में मेहुल चोकसी की भूमिका का कोई जिक्र नहीं है.

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक मेहुल चोकसी से जुड़ी चार्जशीट भी जल्द दाखिल की जा सकती है. सीबीआई गीतांजलि समूह से जुड़े मामले में भी एक प्रोविजनल चार्जशीट दाखिल करने वाली है. पीएनबी घोटाले में सीबीआई ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की है.

क्या है आरोप?

हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर आरोप है कि इसने अपने फर्म के साख पत्र (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) को बार-बार जारी कर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को हजारों करोड़ रुपए का चूना लगाया. नीरव मोदी और उनसे जुड़ी कुछ आभूषण बनाने वाली कंपनियां इस मामले में आरोपी हैं. पीएनबी ने मंगलवार को कहा है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके सहयोगियों की धोखाधड़ी में बैंक की कुल देनदारी लगभग 14 हजार 357 करोड़ रुपए बनती है.

नीरव मोदी और उससे जुड़े लोगों पर आरोप है कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत कर साल 2017 में विदेशों से सामान मंगाने के नाम पर बैंकिंग सिस्टम में जानकारी डाले बिना आठ लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करवा दिया गया, जिससे बैंक को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ. इस घोटाले में नीरव मोदी का साथ पंजाब नेशनल बैंक का ही एक पूर्व डिप्टी मैनेजर ने दिया था. इस पूर्व डिप्टी मैनेजर पर आरोप है कि फर्जी दस्तावेज यानी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग देकर विदेश में भारतीय बैंकों से लोन दिलवाया गया.

हीरा कारोबारी नीरव मोदी पहले से भी एक मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहा है. पिछली 31 जनवरी को सीबीआई ने हीरा कोराबारी नीरव मोदी, उसकी पत्नी, भाई और कुछ सहयोगियों के खिलाफ पीएनबी के साथ घोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था. नीरव मोदी पर 280 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और ठगी का केस चल रहा है. वहीं नए मामले में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है. ईडी ने 280 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में भी नीरव मोदी और अन्य पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. ईडी ने यह मामला सीबीआई के एफआईआर के आधार पर दर्ज किया है.

विदेश में भी है नीरव मोदी का कारोबार

भारत में ही नहीं विदेशों में भी नीरव मोदी डायमंड कारोबार का जाना पहचाना नाम है. नीरव मोदी भारत के एकमात्र ऐसे डायमंड कारोबारी हैं, जिनके डिजाइन किए हुए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देश के बड़े उद्योगपति की पत्नियां पहनती हैं. 48 साल के नीरव मोदी डायमंड कैपिटल कहे जाने वाला देश बेल्जियम के एंटवर्प शहर से भी ताल्लुक रखते हैं.

पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है. देश में पंजाब नेशनल बैंक के लगभग 10 करोड़ खाताधारक हैं. 6 हजार 941 ब्रांचेज पूरे देश में इस समय ग्राहकों के हितों का ध्यान रख रही है. ऐसे में इस मामले के सामने आने के बाद ग्राहकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है.

सीबीआई और ईडी नीरव मोदी को भारत लाने की लगातार कोशिश कर रही है. दोनों के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई, लेकिन दोनों अभी भी भारतीय जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर है. भारतीय बैंकिंग सेक्टर के इतिहास में बड़े घोटालों में से एक पीएनबी फ्रॉड घोटाला केस की जांच को अंजाम तक पहुंचाना बहुत मुश्किल भरा कदम साबित हो रहा है. सीबीआई और ईडी के पास भले ही जांच की जिम्मेदारी आ गई हो, लेकिन मामले को अंजाम तक पहुंचाना आने वाले समय में किसी चुनौती से कम नहीं है.

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