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कोर्ट ने 3 दिन के लिए बढ़ाई कार्ति की CBI रिमांड

कोर्ट में सीबीआई के वकील ने दावा किया था कि कार्ति जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं और 9 दिन की रिमांड मांगी थी

Updated On: Mar 06, 2018 04:58 PM IST

FP Staff

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कोर्ट ने 3 दिन के लिए बढ़ाई कार्ति की CBI रिमांड

आईएनएक्स (INX) मीडिया मामले में घूस लेने के आरोपी कार्ति चिदंबरम की सीबीआई की रिमांड 3 दिनों के लिए बढ़ा दी है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से भी कार्ति को राहत नहीं मिली. दिल्ली में सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में कार्ति के मामले की सुनवाई के दौरान उनके पिता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी मौजूद थे. सीबीआई ने और पूछताछ के लिए 9 दिन की और रिमांड मांगी थी. कोर्ट अपना फैसला 4.30 बजे के करीब सुनाया.

कोर्ट में सीबीआई के वकील ने दावा किया था कि कार्ति जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया, 'आरोपी के मोबाइल सीज किया गया. उनसे पासवर्ड मांगने पर देने से इनकार किया और कहा गो टू हेल.'

सीबीआई के वकील ने रिमांड बढ़ाए जाने के पक्ष में दलील देते हुए यह भी कहा कि सिर्फ ईंद्राणी मुखर्जी का बयान कार्ति के खिलाफ कई सबूतों में से एक सबूत है.

कार्ति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीबीआई के पास रिमांड बढ़ाने के लिए एक भी तार्किक कारण नहीं है और न ही वो लिखित रूप से कोई कारण बता पाए हैं. कार्ति को इंद्राणी मुखर्जी के आमने-सामने बैठाकर करीब 25 मिनट तक पूछताछ की गई और पिछले 5 दिनों में 2 घंटे लंबी पूछताछ हो चुकी है, अब और कस्टडी बढ़ाए जाने की जरूरत नहीं है.

अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों को काटते हुए कहा था कि मेरे मुवक्किल के चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि वह दोषी हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे.

सीबीआई ने कोर्ट में कार्ति की रिमांड बढ़ाने के लिए दलील दी थी कि आरोपी से अभी पूछताछ की जानी जरूरी है क्योंकि इस मामले में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य और सबूत जुटाने के लिए कार्ति से पूछताछ की जरूरत है.

सुप्रीम कोर्ट में कार्ति की रिमांड बढ़ाने के लिए सीबीआई ने यह भी दलील दी थी कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभी और सघन पूछताछ की जरूरत है.

उनके मुकदमे की पैरवी कर रहे वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोर्ट में कार्ति को अपने पैरंट्स से 10 मिनट के लिए मिलने का मौका दिया गया.

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भी कार्ति की याचिका पर सुनवाई हुई थी. कार्ति ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. सर्वोच्च अदालत ने ईडी और सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि इस मामले में जांच जारी रह सकती है. सुनवाई की अगली तारीख 9 मार्च की तय की गई है. इस मामले में कार्ति के वकील कपिल सिब्बल हैं.

आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश को मंजूरी देने के मामले में कार्ति चिदंबरम से मिलीभगत के आरोप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) के पूर्व सदस्यों से भी पूछताछ करेगी. इस कदम से जांच यूपीए सरकार के दौरान वित्त मंत्रालय के कामकाज के करीब पहुंच गई है. एफआईपीबी को कथित तौर पर प्रभावित करने के आरोप में कार्ति से अभी न्यायिक हिरासत में पूछताछ चल रही है.

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