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प्रगति मैदान पुनर्निर्माणः रिश्वतखोरी मामले में CBI ने दो और को किया गिरफ्तार

प्रगति मैदान में पुनर्निर्माण का ठेका एनबीसीसी ने शापूरजी पल्लूनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और शापूरजी पल्लूनजी कतर डब्ल्यूएलएल को 2149.93 करोड़ रुपये में दिया था

Updated On: Dec 26, 2017 11:02 AM IST

Bhasha

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प्रगति मैदान पुनर्निर्माणः रिश्वतखोरी मामले में CBI ने दो और को किया गिरफ्तार

सीबीआई ने प्रगति मैदान में आईटीपीओ परिसर की 2150 करोड़ रुपए की पुनर्निर्माण परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. एजेंसी के सूत्रों ने ये बात कही.

इस मामले में एनबीसीसी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अनूप मित्तल को आरोपी बनाया गया है.

सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने कैपेसाइट स्ट्रक्चर्स के प्रबंध निदेशक संजय कुलकर्णी और गाजियाबाद के बिचौलिये रिषभ अग्रवाल को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया. जिसके बाद गिरफ्तार किए गए कुल लोगों की संख्या चार पहुंच गई है.

सीबीआई ने इस मामले में 22 दिसंबर को मित्तल, कुलकर्णी, अग्रवाल, सरकारी अधिकारी प्रदीप मिश्रा और कथित रूप से रिश्वत देने वाले आकाशदीप चौहान पर मामला दर्ज किया था.

शापूरजी पलूनजी कंपनी को दिया था ठेका  

एजेंसी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि प्रगति मैदान में पुनर्निर्माण का ठेका एनबीसीसी ने शापूरजी पल्लूनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और शापूरजी पलूनजी कतर डब्ल्यूएलएल को 2149.93 करोड़ रुपए में दिया था. मुंबई की कैपेसाइट स्ट्रक्चर्स शापूरजी पल्लूनजी से सब-कांट्रैक्ट में काम पाने की कोशिश कर रही थी.

आरोप है कि कुलकर्णी ने कंपनी के पक्ष में काम हासिल करने के लिए सरकारी सेवकों के साथ अच्छे संपर्क रखने वाले बिचौलिये अग्रवाल से संपर्क किया था.

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि अग्रवाल ने एक खुफिया एजेंसी में अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा से संपर्क किया था जो प्रतिनियुक्ति पर थे. वह एनबीसीसी लिमिटेड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के भी करीब थे.

आरोप है कि मिश्रा के प्रभाव में मित्तल ने एनबीसीसी के कार्यकारी निदेशक को पुरजोर तरीके से कैपेसाइट स्ट्रक्चर्स के पक्ष में मामले के निपटारे का निर्देश दिया.

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