S M L

कावेरी जल विवाद: SC ने तमिलनाडु को मिलने वाला पानी घटाया, कर्नाटक को फायदा

दक्षिण भारतीय राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बीच दशकों पुराने कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है

| February 16, 2018, 04:27 PM IST

FP Staff

0

हाइलाइट

Feb 16, 2018

  • 11:48(IST)

    #Cauveryverdict: मिली जानकारी के अनुसार चेन्नई में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि कर्नाटक की ओर जाने वाली बसों को भी रोक दिया गया है.

  • 11:36(IST)

    दूसरी ओर कर्नाटक के वकील ने फैसले पर खुशी जाहिर की है

  • 11:36(IST)

    तमिलनाडु के वकील सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाखुश

  • 11:27(IST)

    कर्नाटक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रक्षणा वेदिका के कार्यकर्ताओं में खुशी

  • 11:23(IST)

    बेंगलुरु में पीने के पानी की मांग और औद्योगिक आवश्यकता को देखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी में बढ़ोतरी की गई है: सुप्रीम कोर्ट

  • 11:18(IST)

    जहां पहले तमिलनाडु को 192 टीएमसी पानी मिलता था, वहीं अब उसे 177 टीएमसी पानी दिया जाएगा. जबकि कर्नाटक को 14 टीएमसी अतिरिक्त पानी मिलेगा. वहीं केरल (30 टीएमसी) और पुडुचेरी (7 टीएमसी) को पहले की तरह पानी आवंटित किया जाता रहेगा.

  • 11:14(IST)

    तीनों राज्यों ने कावेरी जल विवाद अधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) की तरफ से 2007 में जल बंटवारे पर दिए गए फैसले को चुनौती दी थी. दशकों पुराने कावेरी जल विवाद पर 2007 में सीडब्ल्यूडीटी ने कावेरी बेसिन में जल की उपलब्धता को देखते हुए एकमत से निर्णय दिया था. फैसले में तमिलनाडु को 419 टीएमसी फुट (हजार मिलियन क्यूबिक फुट) पानी आवंटित किया गया, कर्नाटक को 270 टीएमसी फुट, केरल को 30 टीएमसी फुट और पुडुचेरी को सात टीएमसी फुट पानी आवंटित किया गया था.

  • 11:12(IST)

    कावेरी जल बटवारे को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के कावेरी वाटर ट्रिब्यूनल के फैसले को सही मानते हुए उसमें संशोधन किया है. ट्रिब्यूनल ने तमिलनाडु को 192 TMC पानी देने के लिए कहा था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 177 TMC कर दिया है. कर्नाटक को 14 TMC अतिरिक्त पानी मिला है. पुडुचेरी के पानी को हिस्से को पर्याप्त माना है. 

  • 11:10(IST)

    कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने फैसले पर खुशी जताई. उन्होंने कहा है कि फैसले से कर्नाटक में खुशी की लहर दौड़ उठी है.

  • 11:03(IST)

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर बेंगलुरु में कड़ी सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए हैं. बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक़, 15000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा कर्नाटक राज्य के पुलिस कर्मी और अन्य सुरक्षाबालों को तैनात किया जाएगा. कमिश्नर ने कहा कि जिन इलाकों में पहले दंगे हो चुके हैं, उन संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

  • 10:58(IST)
  • 10:57(IST)
  • 10:51(IST)

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कर्नाटक को फायदा हुआ है. कोर्ट ने कहा है कि कर्नाटक को 14.75 टीएमसी पानी दिया जाए.

  • 10:50(IST)

    तमिलनाडु को 177.25 टीएमसी पानी दिया जाए: सुप्रीम कोर्ट

  • 10:50(IST)

    फैसला लागू करना केंद्र सरकार का काम है: सुप्रीम कोर्ट

  • 10:49(IST)

    कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नदी पर कोई राज्य अपने अधिकार का दावा नहीं कर सकता.

कावेरी जल विवाद: SC ने तमिलनाडु को मिलने वाला पानी घटाया, कर्नाटक को फायदा

लेटेस्ट अपडेट: तमिलनाडु को पहले 192 टीएमसी पानी मिलता था, लेकिन अब उसे 177 टीएमसी पानी मिलेगा. जबकि कर्नाटक को 14 टीएमसी अतिरिक्त पानी मिलेगा. वहीं केरल (30 टीएमसी) और पुडुचेरी (7 टीएमसी) को पहले की तरह पानी आवंटित किया जाता रहेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बेंगलुरु में पीने के पानी की मांग और औद्योगिक आवश्यकता को देखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी में बढ़ोतरी की गई है.

दक्षिण भारतीय राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बीच दशकों पुराने कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने पिछले साल 20 सितंबर को कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल की तरफ से दायर अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

तीनों राज्यों ने कावेरी जल विवाद अधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) की तरफ से 2007 में जल बंटवारे पर दिए गए फैसले को चुनौती दी थी. दशकों पुराने कावेरी जल विवाद पर 2007 में सीडब्ल्यूडीटी ने कावेरी बेसिन में जल की उपलब्धता को देखते हुए एकमत से निर्णय दिया था. फैसले में तमिलनाडु को 419 टीएमसी फुट (हजार मिलियन क्यूबिक फुट) पानी आवंटित किया गया, कर्नाटक को 270 टीएमसी फुट, केरल को 30 टीएमसी फुट और पुडुचेरी को सात टीएमसी फुट पानी आवंटित किया गया था.

शीर्ष अदालत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इसके फैसले के बाद ही कोई पक्ष कावेरी से जुड़े मामले पर गौर कर सकता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi