S M L

हरियाणा: जिस कॉलेज से CM पढ़े, उसकी हालत बताती है कैसा है यहां शिक्षा का स्तर

क्वालीफाइड टीचरों की कमी और ऑथोरिटीज के निराशाजनक रवैया ने राज्य में छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है

Updated On: Mar 21, 2018 01:03 PM IST

FP Staff

0
हरियाणा: जिस कॉलेज से CM पढ़े, उसकी हालत बताती है कैसा है यहां शिक्षा का स्तर

हरियाणा में शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदन गिरता जा रहा है. क्वालीफाइड टीचरों की कमी और ऑथोरिटीज के निराशाजनक रवैया ने राज्य में छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है. तो वहीं दूसरी ओर पढ़े लिखे लोग राज्य में प्यून की नौकरियों के लिए अप्लाई कर रहे हैं. हाल ही में कैग की रिपोर्ट में सामने आया है कि हरियाणा की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी महर्षि दयानन्द यूनिवर्सिटी (एमडीयू) में 2015-16 में सिर्फ 41 फीसदी छात्र पास हुए हैं. जबकि तीन साल पहले ही यहां पासिंग पर्सेंटेज 55 फीसदी था. 2012-13 के बाद से लगातार एमडीयू में पासिंग पर्सेंटेज गिर रहा है.

2017 में एमडीयू के अंतर्गत करीब 249 कॉलेज थे. ऐसा कहा गया है कि एमडीयू ने बहुत से ऐसे इंस्टीट्यूट्स को भी एफिलिएशन दिया है, जिनके पास जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है. 40 अलग-अलग कॉलेजों की इंस्पेक्शन के बाद कैग ने पाया कि 27 कॉलेजों में जरूरी टीचिंग स्टाफ नहीं है, तो कहीं टीचर्स ही क्वालीफाई नहीं हैं. वहीं 40 में से 16 कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरणों नहीं है.

आपको बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रोहतक के पंडित नेकी राम कॉलेज से पढ़ाई की है. लेकिन दिक्कते यहां भी कम नहीं हैं. नेकी राम कॉलेज में बीए और बीएससी कोर्सेस में जितनी सीटें हैं, यहां उससे ज्यादा छात्रों को एडमिशन मिला है. कुछ छात्रों का मानना है कि कॉलेज की क्षमता से ज्यादा छात्रों के एडमिशन होने के पीछे भाई-भतीजावाद जिम्मेदार है. बीए के फाइनल ईयर के एक छात्र का कहना है कि हमारे क्लासरूम छोटे हैं पर भाई-भतीजावाद के कारण भर्तियां ज्यादा हैं. साथ ही फैकल्टी की भी शॉर्टेज है. इसके लिए पार्ट टाइम लेक्चरार्स को लाया जाता है. लेकिन वो पढ़ाने से ज्यादा पर्मानेंट करने को लेकर प्रदर्शन करते रहते हैं.

एमडीयू के एफिलिएटेड कॉलेजों में भी हालात कुछ अच्छे नहीं है. यहां 2017 में टीचरों के 101 पद खाली पड़े थे. पिछले साल एमडीयू में प्यून के 92 पदों के लिए 23,166 लोगों ने अप्लाई किया था. MA, M.Ed और M.Phil की डिग्री वाले लोगों ने भी प्यून की नौकरी के लिए अप्लाई किया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता
Firstpost Hindi