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CAG ने रेलवे को फटकार लगाकर कहा- थर्ड एसी में फ्लेक्सी फेयर स्कीम उचित नहीं

कैग ने कहा है कि थर्ड एसी से रेलवे पहले से फायदा कमा रहा था इसलिए इसमें फ्लेक्सी किराया लागू करना उचित नहीं था.

Updated On: Jul 20, 2018 09:39 PM IST

FP Staff

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CAG ने रेलवे को फटकार लगाकर कहा- थर्ड एसी में फ्लेक्सी फेयर स्कीम उचित नहीं

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में रेलवे को जमकर फटकार लगाई है. रेलवे को सबसे ज्यादा फटकार फ्लेक्सी फेयर स्कीम पर लगाई गई है. कैग का कहना है कि राजधानी, शताब्दी और दुरोंतों जैसी ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर लागू होने के बाद सेकण्ड एसी की 17 फीसदी सीट खाली रही हैं. वहीं थर्ड एसी की पांच फीसदी सीटें और शताब्दी ट्रेनों की 25 फीसदी सीटें खाली रहीं.

कैग ने कहा है कि थर्ड एसी से रेलवे पहले से फायदा कमा रहा था इसलिए इसमें फ्लेक्सी किराया लागू करना उचित नहीं था. प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर लगने से 9 सितंबर 2016 से 31 जुलाई 2017 तक इन ट्रेनों से करीब 7 लाख मुसाफिर दूर भाग गए. फ्लेक्सी फेयर की वजह से रूट पर चलने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों पर भार बढ़ा.

कैग का कहना है कि 120 दिन पहले टिकट बुक कराने पर 17 दिशाओं में हवाई यात्रा सबसे सस्ती है. हालांकि बाकी बची 9 दिशाओं में हवाई किराया ज्यादा है लेकिन यह महज 600 रुपए. 90 दिन पहले टिकट बुक कराएं तो 18 दिशाओं में हवाई सफर सबसे सस्ता है. 60 दिन पहले टिकट लेने पर 19 दिशाओं में हवाई यात्रा सबसे सस्ती है और 30 दिन पहले टिकट लें तो 17 दिशाओं में हवाई यात्रा सबसे सस्ती है.

कैग ने अपनी सिफारिश में कहा कि रेलवे मांग और यात्रियों की संख्या के आधार पर किराए पर विचार करे ताकि उसकी कमाई और यात्रियों की संख्या दोनों बढ़ें. रेलवे प्रीमियम ट्रेनों जिनका किराया पहले से ही ज्यादा है, उनका किराया बेहतर और तर्कसंगत करे. कम से कम 50 फीसदी सीटों पर फ्लेक्सी किराया लागू न हो. अभी केवल 10 फीसदी सीटों पर यह छूट है. वेटिंग लिस्ट टिकट वाले यात्रियों को फ्लेक्सी किराए में राहत दी जाए और उन्हें एसी टिकटों के लिए 40-50 फीसदी किराया न देना पड़े.

(साभार: न्यूज18)

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