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सिगरेट पर सेस बढ़ने से एक दिन में उड़ गए 85 हजार करोड़

बीते 25 सालों में पहली बार आईटीसी के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है

Updated On: Jul 19, 2017 01:53 PM IST

FP Staff

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सिगरेट पर सेस बढ़ने से एक दिन में उड़ गए 85 हजार करोड़

सिगरेट पर सेस बढ़ाने से सिगरेट कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सरकार ने सोमवार को सिगरेट पर 5 फीसदी सेस बढ़ा दिया था. मंगलवार को इस वजह से शेयर बाजार में काफी हलचल देखने को मिली.

सिगरेट पर सेस के चलते सिर्फ एक दिन में ही 85,000 करोड़ रुपये की पूंजी हवा में उड़ गई. शेयर मार्केट में सबसे बड़ी गिरावट आईटीसी के शेयरों पर पड़ा. बीते 25 सालों में पहली बार आईटीसी के शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है.

आईटीसी का शेयर एक वक्त पर 15 फीसदी तक गिर गया. हालांकि कारोबार खत्म होने तक मामूली सुधार के साथ यह आंकड़ा 12.63 फीसदी पर आकर रुका. कारोबार बंद होते वक्त आईटीसी का शेयर 284.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था.

एफएमसीजी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी को ही अकेले अपनी कैपिटल में 50,045 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. कंपनी की पूंजी 3,96,171 करोड़ रुपये से घटकर 3,46,125 करोड़ पर आ गई.

विशेषज्ञों का मानना है कि सेस में इजाफे से इस सेक्टर को सालाना 5,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान होगा.

दूसरी सिगरेट कंपनियां गोडफ्रे फिलिप्स और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयर भी करीब आठ-आठ प्रतिशत तक नीचे आ गए.

मंगलवार को शेयर बाजार में खासी हलचल देखी गई. शेयर बाजार की जोरदार गिरावट में बीएसई सेंसेक्स करीब 364 अंक लुढ़क गया. आठ महीने में यह किसी एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है.

नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी करीब 89 अंक की गिरावट के साथ 9,900 के नीचे आ गया.

बाजार में कमजोरी को जीएसटी के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में आई कमजोरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. यूरोपीय शेयर बाजारों में कमजोर शुरुआत और एशिया के अन्य बाजारों में मिले-जुले रुख का भी बाजार पर असर पड़ा.

अमेरिका में स्वास्थ्य नीति में सुधार के सरकार के प्रयासों को लगे झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुधार कार्यक्रम को लेकर संदेह बढ़ा है जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजारों में देखने का मिला.

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा, ‘‘सिगरेट पर जीएसटी सेस बढ़ने से बाजार पर असर पड़ा. वहीं वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और कंपनियों के वित्तीय नतीजे को लेकर अनिश्चितता से घरेलू निवेशक सतर्क रहे.  हालांकि रुपये में मजबूती और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के शेयरों में सुधार से निफ्टी के 10,000 के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद बनी हुई है.’’

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स गिरावट के साथ 31,775.54 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान यह दिन के उच्च स्तर 31,911.61 अंक तक चला गया. हालांकि कारोबार के साथ सूचकांक में गिरावट आयी और यह 31,626.44 अंक तक चला गया. अंत में यह 363.79 अंक या 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 31,710.99 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स में 21 नवंबर के बाद यह एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है. उस समय इसमें 385.10 अंक की गिरावट दर्ज की गयी थी.

सेंसेक्स मंगलवार को रिकार्ड 32,074.78 अंक की रिकार्ड ऊंचाई पर बंद हुआ था.

नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी कमजोर 9,832.70 अंक पर खुला. कारोबार के दौरान यह 9,885.35 अंक के उच्च स्तर और 9,792.05 अंक के निम्न स्तर तक चला गया. अंत में यह 88.80 अंक या 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,827.15 अंक पर बंद हुआ.

सिगरेट कंपनियों के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, पावर ग्रिड, एचडीएफसी लि., एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एयरटेल, कोटक बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.03 प्रतिशत तक की गिरावट आयी.

 

(भाषा के इनपुट के साथ)

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