S M L

बुराड़ी कांड: 11 के आंकड़े में उलझा मौत का राज, दिल्ली पुलिस को नहीं मिल रही राह!

इस घटना के बाद तमाम शंकाएं पैदा हो रही हैं. खासतौर से यह शंका 11 अंक को लेकर है. 11 खिड़की, 11 दरवाजे और लोहे की 11 ग्रिल और इतनी संख्या में मृत लोग पाए गए हैं.

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 03, 2018 09:42 PM IST

0
बुराड़ी कांड: 11 के आंकड़े में उलझा मौत का राज, दिल्ली पुलिस को नहीं मिल रही राह!

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत की गुत्थी पर तीसरे दिन भी सस्पेंस बरकरार है. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस 11 लोगों की मौत की गुत्थी को सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स में भी कई तरह की बात सामने आ रही है. ऐसे में दिल्ली पुलिस जल्द किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेगी तो यह मामला सीबीआई के पाले में भी जा सकता है. वैसे जानकारों का मानना है कि इससे नतीजे में कोई अंतर नहीं आने वाला है, क्योंकि मामला धार्मिक और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ है.

घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी दिल्ली पुलिस किसी नतीजे पर अब तक नहीं पहुंच सकी है. मरनेवाले सभी शख्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अब सामने आ गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी 11 लोगों की मौत फांसी के फंदे से हुई है. इससे पहले यह कहा जा रहा था कि घर की बुजुर्ग महिला की मौत गला दबा कर किया गया था. दूसरी तरफ मरने वाले भाटिया परिवार के रिश्तेदार यह मानने को तैयार नहीं है कि इन लोगों की मौत आत्महत्या करने की वजह से हुई है.

दिल्ली पुलिस की तफ्तीश अभी भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अंधविश्वास समेत उन तमाम बिदुओं पर जांच कर रही है, जिसमें रिजल्ट आने की उम्मीद है. क्राइम ब्रांच पहले ही किसी भी तांत्रिक क्रिया से प्रभावित होने की जांच शुरू कर रखी है. पुलिस को कुछ नोट्स भी मिले हैं, जिसमें 'मोक्ष' मिलने की बात कही गई है. पुलिस अब एक जनेगदी बाबा नाम के शख्स की तलाश कर रही है, जिस पर शक है कि उसने परिवार को आत्महत्या के लिए उकसाया था.

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया कि कुछ टीमें, दिल्ली, यूपी, राजस्थान भेजी गई हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि इस मामले में शामिल कथित तांत्रिक से पूछताछ भी की जा रही है. हालांकि, दिल्ली पुलिस अभी इस मामले में पूरी तरह से गोपनीयता बरत रही है.

अंधविश्वास की खबरों को गलत बता रहे हैं रिश्तेदार

दूसरी तरफ भाटिया परिवार के एक रिश्तेदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परिवार धार्मिक तो था, लेकिन जिस तरह से मीडिया में दिखाया जा रहा है, वह सब गलत है. उनका कहना है कि परिवार का तंत्र-मंत्र पर भरोसा नहीं था. अंधविश्वास को लेकर जिस तरह की खबरें दिखाई जा रही हैं वो गलत है.

भाटिया परिवार की एक रिश्तेदार सुजाता ने कहा है कि वे किसी तरह के काले जादू या अन्य तरह के टोने टोटके में नहीं पड़े थे. यह परिवार के बारे में झूठ फैलाया जा रहा है. पाइपों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि वे पाइप सिर्फ सोलर प्लांट और वेंटिलेशन के लिए लगाए गए थे. उनका इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है.

फोटो पीटीआई से

फोटो पीटीआई से

11 लोगों की मौत पर रहस्य पर पर्दा उठने का सभी इंतजार कर रहे हैं. इस बीच मनोविज्ञानियों ने कहा है कि सामूहिक खुदकुशी करने वाले लोगों में ‘समानताएं’ पाई जाती हैं और उन्होंने सुझाव दिया कि मामले से पर्दा उठाने के लिए ‘मेंटल टेस्ट’ कराया जाए.

वहीं पुलिस को भी शक है कि आपसी रजामंदी से खुदकुशी हुई है. घर से मिले नोटों से धार्मिक या आध्यात्मिक प्रभावों का संकेत मिलता है लेकिन परिवार के सदस्यों ने इसे नकार दिया है और कहा कि इन लोगों की हत्या की गई है. दिल्ली पुलिस इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती है, जो बाद में उसके लिए छिछालेदर का कारण बन जाए.

क्या साइकोलॉजिकल टेस्ट से बनेगी बात?

इस हत्याकांड पर से पर्दा उठाने के लिए दिल्ली पुलिस को कई सुझाव भी मिल रहे हैं. दिल्ली पुलिस तमाम सुझावों का भी अध्यन कर आगे की रणनीति तैयार कर रही है. एम्स के एक साइकोथेरेपी डॉक्टर का भी कहना है कि रहस्य सुलझाने के लिए साइकोलॉजिकल टेस्ट किया जाना चाहिए.

बता दें कि आम बोलचाल की भाषा में साइकोलॉजिक टेस्ट का मतलब है पीड़ितों के रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों से मिलकर पता लगाया जाए कि क्या कोई पैटर्न था. क्या परिवार के सभी लोग कोई एक खास किताब पढ़ रहे थे या किसी संप्रदाय का हिस्सा थे या किसी तांत्रिक के प्रभाव में थे.

फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल की साइकोलॉजिस्ट भावना बारमी ने कहा कि सामूहिक खुदकुशी तब होती है जब लोगों को लगता है कि उनकी जिंदगी फंस गई है, वे मानने लगते हैं कि जिंदगी पर उनका नियंत्रण नहीं. उन्हें मौत की एकमात्र विकल्प दिखता है.

Burari Death Pipes

क्या कहता है 11 का आंकड़ा?

इस घटना के बाद तमाम शंकाएं पैदा हो रही हैं. खासतौर से यह शंका 11 अंक को लेकर है. 11 खिड़की, 11 दरवाजे और लोहे की 11 ग्रिल और इतनी संख्या में मृत लोग पाए गए हैं. कुछ नोट्स और 'मौत के लिए 10 टिप्स' के अलावा पुलिस अधिकारियों ने पाया कि घर में 11 खिड़कियां थीं और दीवार की ओर बाहर निकले 11 पाइप भी लगाए गए थे. इसके साथ ही घर के एंट्री गेट पर 11 रॉड लगाई गई थीं.

77 वर्षीय नारायणा देवी की बेटी ने मीडिया से बात करते हुए कहती हैं, 'तांत्रिक वाली बात बिल्कुल बकवास है. वह आत्महत्या क्यों करेंगे? वो सभी ठीक थे. पूरा परिवार प्रियंका की शादी की तैयारी कर रहा था.’

रविवार सुबह से शव बरामद होने के बाद से ही हर घंटे जो जानकारियां निकल कर बाहर आ रही हैं, वह काफी संदेहास्पद लग रही है. हर घंटे मामले को और अंधेरे की ओर ढकेलती नजर आ रही है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि घर के अंदर एक मंदिर में मिले दो रजिस्टर में लिखे नोट्स में ‘मोक्ष' 'बड़ी तपस्या' और ‘शून्य’ का जिक्र है.

delhiburari

 

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि नोट्स में लिखा था कि अगर कोई कुछ खास रीतियों का पालन करता है तो उनकी समस्याएं सुलझती हैं और भगवान खुश होता है. ऐसा लगता है कि रीतियां गड़बड़ हो गईं. नोट्स में जिक्र है कि स्टूल पर चढ़ने, चेहरे को ढकने, मुंह पर टेप लगाने और गले पर चुन्नी लपेटने के बाद कैसे नीचे उतरकर अन्य की मदद करनी है. नोट्स में अनुष्ठान शुरू होने से पहले जाप करने का और ‘शून्य’ के बारे में सोचने का जिक्र भी है ताकि उनके मन में अन्य विचार नहीं आए.

कुलमिलाकर बुराड़ी इलाके में एक घर से मिले 11 शवों की गुत्थी को सुलझाने में दिल्ली पुलिस के पसीने छूट रहे हैं. पुलिस ने अपने तेज-तर्रार अधिकारियों की एक टीम इस केस को सुलझाने में लगा दी है. इसके बावजूद कोई सुराग नहीं मिल रहा है. पुलिस की क्राइम ब्रांच परिवार से जुड़े हर उस शख्स से पूछताछ कर रही है, जिसकी पिछले तीन-चार दिनों में परिवार के सदस्यों से या तो मुलाकात या फिर बातचीत हुई थी. पुलिस सभी लोगों से पूछताछ कर परिवार की मानसिक स्थिति और उनके बातचीत करने के तौर-तरीकों को भी समझना चाह रही है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi