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बुराड़ी कांड: परिवार के 10 सदस्यों की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, नारायणी देवी की मौत पर सस्पेंस

ऐसी खबर मिल रही है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट में भाटिया परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य नारायणी देवी का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों की राय मेल नहीं खा रही है

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Jul 11, 2018 10:40 PM IST

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बुराड़ी कांड: परिवार के 10 सदस्यों की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, नारायणी देवी की मौत पर सस्पेंस

बुराड़ी में भाटिया परिवार की आत्महत्या के बाद जैसे-जैसे डायरी की परतें खुल रही हैं, रोज नए खुलासे हो रहे हैं. परिवार के छोटे बेटे ललित भाटिया की डायरी से कई बातों का खुलासा हुआ है. ललित ने अपनी डायरी में लिखा था कि परिवार की नाकामी के पीछे 'किसी की गलती' है. ललित ने यह बात 11 नवंबर 2017 को अपनी डायरी में लिखी थी. अब फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच घर के सबसे बुजुर्ग की मौत पर टिक गई है.

बुधवार को भाटिया परिवार के 10 शवों की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 10 लोगों की मौत फांसी लगने से हुई है. रिपोर्ट में किसी भी सदस्य के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं. अभी तक परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य नारायणी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है.

क्या है मामला?

नारायणी देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर दुविधा अभी बरकरार है. इनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर डॉक्टरों की राय अलग-अलग है. मौत की सही वजह समझने के लिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की एक टीम ने भाटिया परिवार के घर का मुआयना भी किया.

पिछले कई दिनों से 11 लोगों की मौत की गुत्थी सुलझाने में दिल्ली पुलिस के पसीने छूट रहे हैं. दिल्ली पुलिस इस मामले में अबतक 200 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है. मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने अपने तेज-तर्रार अधिकारियों की पूरी टीम इस केस को सुलझाने में लगा रखा है.

कब की है यह घटना?

30 जून की रात को बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों के शव छत से लटकते पाए गए थे. घर की बुजुर्ग सदस्य नारायणी देवी का शव घर के दूसरे कमरे मिला था, जबकि 10 लोगों का शव एक ही कमरे से बरामद हुआ था.

सामूहिक मौत के इस मामले में क्राइम ब्रांच कई एंगल से जांच कर रही है. क्राइम ब्रांच के अधिकारी परिवार से जुड़े हर उस शख्स से बारीकी से पूछताछ कर रहे हैं, जो परिवार से किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ था. चाहे वह मजदूर हो या फिर मकान की रंगाई-पुताई करने वाला या फिर मकान बनाने वाला कारीगर.

पुलिस सभी लोगों से पूछताछ कर परिवार की मानसिक स्थिति और उनके बातचीत करने के तौर-तरीकों को समझना चाह रही है. पिछले सप्ताह आई शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में 11 लोगों की मौत की वजह फांसी बताई गई थी.

दिल्ली पुलिस लगभग यह मान चुकी थी कि यह आत्महत्या का केस है. एक घर के भीतर इतने बड़े स्तर पर हत्याएं करना किसी बाहरी आदमी के लिए मुमकिन नहीं हो सकता है. बाहर का कोई भी आदमी अगर इस तरह हत्या करता तो कहीं न कहीं उसका सुराग भी छोड़ जाता. इस मामले की जांच के दौरान अध्यात्म, धर्म और तंत्र-मंत्र की तरफ भाटिया परिवार के घोर रुझान का पता चलता है.

मनोवैज्ञानिक जांच से क्या निकला?

मनोचिकित्सकों का भी कहना था कि परिवार मोक्ष प्राप्ति के लिए जादू-टोन भी करता था. परिवार का सबसे प्रमुख सदस्य इससे प्रभावित था जिसे बाकी लोग आंख बंद करके मानते थे. भाटिया परिवार के घर की दीवार पर 11 पाइप बाहर निकले हुए थे. यह बात चौंकाने वाली थी. इन पाइपों में से 7 नीचे की तरफ मुड़े हुए थे औक 4 के मुंह सीधे थे.

दरअसल जिस घर में यह हादसा हुआ उस घर की दीवार एक खाली प्लॉट से सटी हुई है. इस दीवार में प्लास्टिक के 11 पाइप दीवार से बाहर निकले हुए हैं. इस घर में निर्माण कार्य चल रहा था लेकिन एकसाथ 11 पाइप का क्या माजरा है यह किसी को समझ में अब भी नहीं आ रहा है.

फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस की तफ्तीश अब किसी नतीजे पर पहुंचने लगी है. घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंधविश्वास समेत उन तमाम बिदुओं पर जांच की, लेकिन आखिरकार पुलिस अब यह मान चुकी है कि यह मौत तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के कारण ही हुई है.

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