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2022 तक देश में दौड़ेगी बुलेट, सबसे पहले यहां तक होगा सफर

देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से गुजरात के सूरत के बीच चलेगी, पहले चरण में 2022 तक बुलेट ट्रेन के शुरुआत होने की खबर है

Updated On: Sep 01, 2018 04:16 PM IST

FP Staff

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2022 तक देश में दौड़ेगी बुलेट, सबसे पहले यहां तक होगा सफर
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मोदी सरकार की सबसे बड़ी और महत्वकांक्षी परियोजना बुलेट ट्रेन को लेकर सभी लोग उत्साहित हैं. सभी की निगाहें इस परियोजना पर टिकी हुई हैं. फिलहाल सरकार इसे तय समय सीमा से पहले पूरा करने की कोशिश में लगी हुई है. बता दें कि देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से गुजरात के सूरत के बीच चलेगी. वहीं पहले चरण में 2022 तक बुलेट ट्रेन के शुरुआत होने की खबर है.

योजना के तहत पहली बार बुलेट ट्रेन गुजरात के सूरत से बिलिमोरा के बीच चलाई जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजादी के 75 साल पूरे होने तक बुलेट ट्रेन के पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा. केंद्र सरकार चाहती है कि 15 अगस्त 2022 तक इसकी शुरुआत कर दी जाए. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की आर्किटेक्चर टीम ने सूरत के स्टेशन को काफी हाईटेक तरीके से बनाया है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इसका पूरा डिजाइन एनएचएसआरसीएल की मुख्य आर्किटेक्ट कामिनी शर्मा और उनकी टीम ने तैयार किया है. उन लोगों ने जापान की एक कंपनी के साथ मिलकर इसके लिए काम किया है. गुजरात के वड़ोदरा स्टेशन को बरगद के पेड़ की तरह बनाया जाएगा. वहीं साबरमती स्टेशन को भी एक नया रूप दिया जाएगा. अहमदाबाद मेट्रो को महात्मा गांधी के डांडी मार्च का रूप दिया गया है. स्टोशनों के छत पर बने सोलर पैनलों को चरखे की आकृति का बनाया गया है.

इसलिए चुना गया सूरत का बिलिमोरा

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सूरत से बिलिमोरा के बीच सेक्शन को इसलिए चुना गया है क्योंकि इनके बीच बिल्कुल सीधा अलाइंगमेंट है. ऐसे में इसके निर्माण को तय समय सीमा के अंदर पूरा करना आसानी से संभव हो सकता है. इसके बाद दूसरे हिस्से में काम शुरू होगा.

मुंबई से सूरत के बीच 508 किमी का ये प्रोजेक्ट 2023 तक पूरा होने की संभावना है. भारत में जो लोग इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़े हैं, उन्हें जापान के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत वड़ोदरा में हाईस्पीड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बनाया जा रहा है. एग्रीमेंट के अनुसार, जापानी विशेषज्ञ यहां भारतीय इंजीनियरों और दूसरे लोगों को बुलेट ट्रेन की तकनीक के संबंध में प्रशिक्षण देंगे.

साल 2023 तक देश में बुलेट ट्रेन चलाने के लिए 3500 प्रशिक्षित लोगों की जरूरत पड़ेगी. अब तक करीब 1500 भारतीय अधिकारियों को जापान की तरफ से कम समय के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है. वहीं अक्टूबर 2018 से लंबी अवधि वाला दूसरा ट्रेनिंग सेशन भी शुरू होगा.

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