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Bulandshahr Violence: जल रहा है शहर फिर हम बेखबर क्यों?

विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि आने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए जानबूझकर दंगा भड़काया गया है.

Updated On: Dec 04, 2018 10:58 PM IST

Pratima Sharma Pratima Sharma
सीनियर न्यूज एडिटर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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Bulandshahr Violence: जल रहा है शहर फिर हम बेखबर क्यों?

रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था. वर्षों बाद भी ये पंक्तियां कोई भूल नहीं पाया है. नीरो के शासन के दौरान पूरे रोम में अराजकता का माहौल था. लेकिन संगीत प्रेमी नीरो अपने बाग में बांसुरी बजा रहा था. अपने हालात से बेखबर नीरो की आलोचना आज तक होती है.

यूपी का बुलंदशहर को भी आज जलते रोम की याद आ गई है. बुलंदशहर घटना की वजह से कांग्रेस, बीएसपी सहित विपक्षी पार्टियों ने राज्य और केंद्र सरकार को निशाने पर ले लिया है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए कहा, 'जिस वक्त बुलंदशहर में हिंसा फैल रही थी उस वक्त सीएम लाइट एंड साउंड शो का लुत्फ ले रहे थे.'

हैरानी की बात है कि राज्य के दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्या और दिनेश शर्मा भी राज्य में नहीं थे. ये दोनों नेता राजस्थान में बीजेपी के प्रचार में लगे हुए थे. राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव होने वाले हैं.

सोमवार 3 दिसंबर को योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में पहले कबड्डी के एक समारोह में शामिल हुए थे. फिर देर शाम वह गोरखपुर मठ में लाइट एंड साउंड शो देख रहे थे. इस शो में उनके साथ छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह मौजूद थे.

इस बीच बुलंदशहर में हिंदू और मुसलमान समुदायों के बीच हिंसा भड़क रही थी. बौराई भीड़ बाइक और कार जलाती रही. भीड़ को समझाने की कोशिश के दौरान SO सुबोध कुमार सिंह को गोली मार दी गई. सीएम के गोरखपुर में होने की वजह से सुबोध कुमार सिंह के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान भी देर रात हो पाया. इससे पहले सीएम ऑफिस ने एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा था, 'पहले वह इस मामले की जांच करेंगे उसके बाद ही कोई फैसला ले पाएंगे.' इस वजह से पुलिस बल में भी रोष था. हालांकि देर रात सीएम योगी ने पुलिस अधिकारी के परिजनों के लिए 50 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान कर दिया था.

यह संयोग तो नहीं!

विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रही है कि बुलंदशहर की घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया है. इस घटना पर दुख जताते हुए मनीष तिवारी ने आरोप लगाया, ‘एक चीज साफ है कि चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिशें की जा रही हैं.’

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि योगी सरकार अराजक तत्वों को संरक्षण दे रही है. इस मामले में समूचा विपक्ष एकजुट हो गया है. उनका कहना है कि गन्ने के खेत में अचानक मरी हुई गाय का सिर लटके हुए मिलना, उसी जगह पर हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल जैसे कट्टर हिंदू समूह का पहुंचना, महज संयोग नहीं है. अभी कोई पक्का सबूत नहीं मिला है लेकिन इतने संयोग एकसाथ बनता देखकर किसी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता.

लोगों में डर का माहौल

चिंगरावटी काम में खामोशी छाई हुई है. लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि पुलिस कार्रवाई में कहीं वो बलि का बकरा ना बन जाए. गांव के लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं या खेतों में रह रहे हैं. गांव के एक 45 साल के शख्स ने बताया कि चिंगरावटी गांव के ही 30-32 गायों का वध किया गया था. इन गायों के सिरों को चिंगरावटी गांव के दूसरी तरफ महाव गांव के आसपास फेंक दिया गया था.

दूसरी तरफ कुछ लोगों का कहना है कि वो गाय को गाड़ने के लिए मैदान में लेकर आ रहे थे. इसी बीच हिंदू समूह के लोग वहां पर आ गए. सच क्या है और अफवाह क्या. यह तो पता नहीं चला है लेकिन इतना जरूर है कि बुलंदशहर जल रहा है.

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