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बुलंदशहर हिंसा: सीएम योगी की प्राथमिकता क्या है खुद ही जान लीजिए...

सीएम योगी ने बुलंदशहर की घटना पर मंगलवार को निर्देश दिया कि इस घटना की गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए

Updated On: Dec 05, 2018 11:59 AM IST

FP Staff

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बुलंदशहर हिंसा: सीएम योगी की प्राथमिकता क्या है खुद ही जान लीजिए...

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार को खेत में गौमांस की खबर फैलने के बाद हुई हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या कर दी जाती है. एक स्थानीय निवासी भी मारा जाता है. शहर अचानक से बारूद पर बैठा दिखता है. कहीं न कहीं पूरी साजिश इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की थी. पुलिस अफसर सुबोध कुमार सिंह की हत्या से इलाके के लोग अब भी सन्न हैं.

लेकिन इस सब के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता पुलिस अधिकारी की हत्या की जांच नहीं, बल्कि गौकशी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है. सीएम योगी ने बुलंदशहर की घटना पर मंगलवार को निर्देश दिया कि इस घटना की गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए.

न्यूज18 इंडिया के मुताबिक, बैठक में न तो सीएम और न ही वहां मौजूद किसी अधिकारी ने पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या पर चर्चा की. पुलिस ने अब तक 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जिसमें से 8 आरोपी बजरंग दल, वीएचपी और बीजेपी के यूथ विंग के सदस्य हैं.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव गृह, खुफिया विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक की. उन्होंने इस गंभीर घटना की समीक्षा कर निर्देश दिया कि इस घटना की गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. घटना एक बड़े षडयंत्र का हिस्सा है इसलिए गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सभी को समयबद्ध रूप से गिरफ्तार किया जाए.

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतक सुमित के परिवार जनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. उल्लेखनीय है कि 19 मार्च 2017 से अवैध बूचड़खानों को बंद कर दिया गया है. इस घटनाक्रम में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश दिया गया है कि जिले स्तर पर ऐसे अवैध कार्य ना हो, यह सुनिश्चित करना उनकी सामूहिक ज़िम्मेदारी होगी और मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक यह सुनिश्चित करें कि इस आदेश का जिले स्तर पर अनुपालन किया जाए.

यह भी निर्देश दिया गया कि एक अभियान चलाकर जो तत्व माहौल खराब कर रहे हैं उनको बेनकाब कर इस तरह की साजिश रचने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए.

गौरतलब है कि सोमवार को इज्तेमा में शामिल होने के बाद मुसलमान अपने घरों की ओर लौट रहे थे. उसी दौरान सुबह-सुबह स्याना के पास एक खेत में गौमांस होने की अफवाह फैल गई. जब तक मौके पर पुलिस पहुंची, तब तक वहां कई सौ लोगों की भीड़ इक्ट्ठा हो चुकी थी. इस बीच बेकाबू भीड़ ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. कई गाड़ियों में आग लगा दी. वहीं मामले को शांत करने की कोशिश में जुटे पुलिस इंस्पेक्टर सुवोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी घटना में सुमित भी गोली का शिकार हुआ.

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