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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या से पहले का वीडियो वायरल, चारों तरफ मारो..मारो की आवाजें

वीडियो में दिख रहा है कि आक्रोशित भीड़ के हाथों में बड़े-बड़े पत्थर हैं और कुछ लोग लगातार पत्थरबाजी कर रहे हैं

Updated On: Dec 06, 2018 03:32 PM IST

FP Staff

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बुलंदशहर हिंसा के दौरान हुई इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या से पहले का कथित वीडियो वायरल हो गया है. इस वीडियो को मोबाइल से बनाया गया है जिसमें दिख रहा है कि भीड़ चिल्ला रही है..मारो-मारो..बंदूक छीनो. हालांकि इस वीडियो की पुष्टि अभी तक पुलिस की ओर से नहीं हुई है.

वीडियो में दिख रहा है कि आक्रोशित भीड़ के हाथों में बड़े-बड़े पत्थर हैं और वो लगातार पत्थरबाजी कर रहे हैं. इस भीड़ में सुमित भी दिख रहा है, जिसकी अब मौत हो चुकी है. भीड़ एक खुले मैदान में घुसती है, जहां एक पुलिस वाला दिखाई दे रहा है. इस बीच लोगों की आवाज भी सुनाई दे रही है..गोली मार दी..गोली मार दी. जिसके बाद कुछ लोग सुमित को ले जाते दिख रहे हैं.

भीड़ में लोग लगातार गालियां दे रहे हैं और उनके हाथों में पत्थर और डंडे हैं. कुछ देर बाद वीडियो में दिखता है कि एक पुलिस वाला भी जमीन पर गिरा हुआ है. हालांकि उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा है. लोगों का दावा है कि यह शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह ही थे. भीड़ का यह रूप वाकई दिल दहलाने वाला है.

गौरतलब है कि पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर जिले में सोमवार दिन में यह अफवाह फैली थी कि यहां एक खेत में कथित रूप से गोवंश के टुकड़े मिले हैं. आरोप लगा कि एक संप्रदाय विशेष के लोगों ने गोहत्या की है. अफवाह फैलने के बाद लोगों ने गोवंश के शव के अवशेषों के साथ सड़क जाम कर दी. देखते ही देखते कुछ और गांवों के लोग जुट गए. सैकड़ों लोगों के विरोध-प्रदर्शन करने की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुंची, जिसके बाद भीड़ का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया.

पुलिस ने इस दौरान हवाई फायरिंग भी की, जिसके बाद भीड़ और उग्र हो गई. सुमित कुमार नाम के एक लड़के को भी गोली लगी, जिसकी बाद में मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर के स्याना थाने को फूंक दिया. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर घेरकर हमला किया. भीड़ के प्रकोप से बचने के लिए सुबोध कुमार सिंह और उनकी टीम खेत में जा घुसी लेकिन उपद्रवियों ने पीछा कर उनपर वहां भी हमला बोल दिया.

पुलिस ने इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज की हैं. इसमें 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 और 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट लॉ के तहत एफआईआर दर्ज की हैं. मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

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