S M L

Bulandshahr Violence: वो 5 सवाल, जो किसी साजिश का इशारा करते हैं

डीजी आनंद कुमार ने पीसी में कई बातें कहीं. लेकिन कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं

Updated On: Dec 04, 2018 03:22 PM IST

FP Staff

0
Bulandshahr Violence: वो 5 सवाल, जो किसी साजिश का इशारा करते हैं

बुलंदशहर में पिछले हफ्ते से मुसलमानों की धार्मिक सभा इज्तेमा चल रही थी. इस आयोजन में शामिल होने के लिए देशभर से लाखों मुसलमान बुलंदशहर पहुंचे थे.

सोमवार को इज्तेमा में शामिल होने वाले मुसलमान अपने घरों की ओर लौट रहे थे. उसी दौरान सुबह-सुबह स्याना के पास गोकशी की खबर सामने आई. मामले की जांच करने पुलिस पहुंची. तब तक वहां भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी. भीड़ ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया, कई गाड़ियों में आग लगा दी, एक पुलिस अफसर की गोली मारकर हत्या कर दी, एक आम नागरिक भी गोली का शिकार हुआ. देखते ही देखते बुलंदशहर जल उठा.

मंगलवार को इस संवेदनशील मसले पर मेरठ जोन के एडीजी आनंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. पीसी में उन्होंने कई बातें कहीं. लेकिन कई सवाल ऐसे हैं, जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं. इस पूरे मामले की सच्चाई को सामने लाने में ये सवाल सबसे अहम हैं.

ये भी पढ़ें: यूपी के मुख्यमंत्री अपने राज्य पर ध्यान दें, दौरे तो बाद में भी होते रहेंगे

बुलंदशहर हिंसा से जुड़े सुलगते सवाल

सवाल नंबर 1- संगठन का नाम क्यों नहीं ले रही है पुलिस?

अपने पीसी में मेरठ जोन के एडीजी आनंद कुमार ने कहा है कि इस मामले में अभी तक किसी भी संगठन का नाम सामने नहीं आया है. उन्होंने ये भी कहा है कि मामले के मुख्य आरोपी योगेश राज के संगठन के बारे में पता नहीं है. जबकि सुबह में ही ये जानकारी सामने आ चुकी थी कि इस मामले का मुख्य आरोपी योगेश राज बजरंग दल का जिला अध्यक्ष है. इसके साथ ही मामले में बीजेपी युवा स्याना के नगर अध्यक्ष शिखर अग्रवाल, वीएचपी कार्यकर्ता उपेंद्र राघव को भी किया नामजद किया है. लेकिन एडीजी ने अपनी पीसी में किसी भी संगठन या दल का नाम नहीं लिया.

bulandshahar violence adg

सवाल नंबर 2- क्यों नहीं हुई अब तक योगेश राज की गिरफ्तारी?

एडीजी आनंद कुमार ने कहा है कि इस मामले में अभी तक योगेश राज को गिरफ्तार नहीं किया गया है. पुलिस ने स्याना पुलिस थाने के थाना प्रभारी सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया है. इस मामले में दर्ज एफआईआर में उसे आरोपी नंबर वन बनाया गया है लेकिन उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है. एडीजी ने खुद माना कि इस मामले में योगेश राज को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

ये भी पढ़ें: #Bulandshahr Violence: अखलाक मॉब लिन्चिंग कांड के जांच अधिकारी थे सुबोध कुमार सिंह

सवाल नंबर 3- कुछ भी साफ कहने से क्यों बचते दिखते एडीजी?

मेरठ जोन के एडीजी आनंद कुमार अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ भी साफ कहने से बचते दिखे. उन्होंने ज्यादा सवालों के जवाब में यही कहा की अभी एसआईटी की जांच चल रही है. आनंद कुमार ने घटना को इंटेलिजेंस फेलियर मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इसके लिए इंटेलिजेंस फेलियर या किसी दूसरी एजेंसी की नाकामी कहना अभी जल्दबाजी होगी.

सवाल नंबर 4- मृतक पुलिस अफसर की बहन को साजिश की आशंका?

हिंसा में मारे गए पुलिस अफसर सुबोध कुमार सिंह की बहन ने इस मामले में साजिश की आशंका जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि उनका भाई सुबोध अखलाक केस की जांच कर रहा था, इसलिए उसकी हत्या हुई है. उन्होंने ये भी कहा है कि 'ये पुलिस की एक साजिश है. सुबोध कुमार सिंह को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए और उनका स्मारक बनाया जाना चाहिए. हमें पैसे नहीं चाहिए. सीएम केवल गाय-गाय कहते रहते हैं.' सुबोध कुमार सिंह की बहन ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसका जवाब पुलिस के पास नहीं है.

subodh (2)

ये भी पढ़ें: #Bulandshahr Violence: अखलाक केस की जांच से जुड़े थे सुबोध, इसलिए UP पुलिस ने मार डाला- बहन

सवाल नंबर 5- मुसलमानों की धार्मिक सभा के मौके नफरत फैलाने की साजिश?

बुलंदशहर में मुसलमानों की धार्मिक सभा इज्तेमा चल रही थी. देशभर से लाखों मुसलमान बुलंदशहर में इकट्ठा हुए थे. सोमवार को ये लोग अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे थे. सोमवार को जहां इलाके के एक प्राचीन शिव मंदिर में हिंदुओं ने मुसलमानों को नमाज अदा करने के लिए मंदिर परिसर देकर भाईचारा की मिसाल कायम की. वहीं इसी शहर के एक हिस्से में गौकशी के नाम पर भयावह हिंसा हुई. तो क्या ये एक साजिश का हिस्सा था?

इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है लेकिन जिस तरह का घटनाक्रम हुआ है उसमें किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि पुलिस अभी तक इस मामले में चुप्पी साधे है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi