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बुलंदशहर हिंसा: 'बॉस को बचाने की हरसंभव कोशिश की लेकिन अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा'

बुलंदशहर हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के ड्राइवर ने कहा है कि मैंने अपने बॉस को बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन भीड़ की तरफ से हो रही अंधाधुंध गोलीबारी के कारण मुझे अपनी जान बचाकर भागना पड़ा

Updated On: Dec 04, 2018 01:06 PM IST

FP Staff

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बुलंदशहर हिंसा: 'बॉस को बचाने की हरसंभव कोशिश की लेकिन अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा'

बुलंदशहर हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर (थाना प्रभारी) सुबोध कुमार सिंह के ड्राइवर ने कहा है कि मैंने अपने बॉस को बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन भीड़ की तरफ से हो रही अंधाधुंध गोलीबारी के कारण मुझे अपनी जान बचाकर भागना पड़ा.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सुबोध कुमार सिंह के ड्राइवर राम आश्रय ने कहा कि मेरे बॉस बेसुधी के हालत में एक दीवार के पास पड़े हुए थे. मैंने उन्हें उठाया और पुलिस जीप में ले गया. उन्होंने कहा कि... लेकिन जैसे ही मैंने गाड़ी चलानी शुरू की, भीड़ ने जीप पर पथराव और गोलीबारी करनी शुरू कर दी. आश्रय ने कहा कि इस स्थिति को देखकर मैं अपनी जान बचाने के लिए गांडी छोड़कर भाग गया.

उन्होंने बताया कि गोलीबारी करने वाले लोग गन्ने के खेत में छुपे हुए थे और घटना स्थल के करीब ही थे. उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को बताया था कि सुबोध कुमार सिंह के माथे में गोली लगी थी, जिस कारण उनकी मौत हो गई.

राम आश्रय ने बताया कि भीड़ ने दूसरी दफे हमपर हमला किया था. वे लोग गालियां दे रहे थे और दूसरों को हमपर हमला करने के लिए उकसा रहे थे. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मदद से हम सुबोध कुमार सिंह को अस्पताल ले जाने में सफल हुए.

क्या है पूरा मामला?

पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर जिले में सोमवार दिन में यह अफवाह फैली थी कि यहां एक खेत में कथित रूप से गोवंश के टुकड़े मिले हैं. आरोप लगा कि एक संप्रदाय विशेष के लोगों ने गोहत्या की है. अफवाह फैलने के बाद लोगों ने गोवंश के शव के अवशेषों के साथ सड़क जाम कर दी. देखते ही देखते कुछ और गांवों के लोग जुट गए. सैकड़ों लोगों के विरोध-प्रदर्शन करने की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुंची, जिसके बाद भीड़ का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने पुलिस पर पत्थराव शुरू कर दी. उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया.

पुलिस ने इस दौरान हवाई फायरिंग भी की, जिसके बाद भीड़ और उग्र हो गई. इसमें कहा जा रहा है कि सुमित कुमार नाम के एक लड़के को भी गोली लगी, जिसकी बाद में मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. गुस्साई भीड़ ने बुलंदशहर के स्याना थाने को फूंक दिया. इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर घेरकर हमला किया. भीड़ के प्रकोप से बचने के लिए सुबोध कुमार सिंह और उनकी टीम खेत में जा घुसी लेकिन उपद्रवियों ने पीछा कर उनपर वहां भी हमला बोल दिया.

पुलिस ने इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज किया है. इसमें 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 333, 353, 427, 436, 394 और 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट लॉ के तहत एफआईआर दर्ज किया है. मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

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