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बुलंदशहर हिंसा: एक तरफ योगी थपथपा रहे अपनी पीठ, दूसरी ओर पुलिस ने 4 निर्दोषों को भेजा जेल

बजरंगदल के जिला संयोजक बवाल के फरार आरोपी योगेश राज ने गोकशी की घटना में इन्हीं लोगों को आरोपी बनाया था

Updated On: Dec 19, 2018 07:05 PM IST

FP Staff

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बुलंदशहर हिंसा: एक तरफ योगी थपथपा रहे अपनी पीठ, दूसरी ओर पुलिस ने 4 निर्दोषों को भेजा जेल

बुलंदशहर हिंसा मामले में हुई अब तक की कार्रवाई पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि इस मामले में उनकी तारीफ होनी चाहिए. लेकिन इधर खबर आ रही है कि यूपी पुलिस ने इस मामले में चार निर्दोषों को गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया है.

न्यूज18 हिंदी की खबर के मुताबिक, कथित गोकशी और उसके बाद स्याना के चिंगरावठी में हुई हिंसा मामले में नया खुलासा हुआ है. पता चला है कि पुलिस ने जिन 4 लोगों को गोकशी के केस में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, वे निर्दोष हैं. पुलिस की ही जांच में उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है.

बजरंगदल के जिला संयोजक बवाल के फरार आरोपी योगेश राज ने गोकशी की घटना में इन्हीं लोगों को आरोपी बनाया था. अब पुलिस 5 दिसंबर को जेल भेजे गए साजिद, सरफुद्दीन, बन्ने खां व आसिफ को पुलिस 169 की कार्रवाई कर जेल से निकालने में जुटी है.

मामले में बुलंदशहर के एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि पूरी घटना की जांच चल रही है. मामले में एसआईटी सहित तमाम टीमें जांच कर रही हैं. जांच में ये सामने आया कि तीन अन्य लोगों ने कुछ और लोगों के साथ मिलकर ये गोकशी की घटना को अंजाम दिया है. उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले. इनकी गिरफ्तारी 18 दिसंबर को हुई. उनसे घटना में प्रयोग की गई जिप्सी, गन और अन्य वस्तुएं बरामद की गई हैं. वहीं इससे पहले मामले में जो 4 लोग गिरफ्तार किए गए थे, उनके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं. पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए पहले पकड़े गए चारों अभियुक्तों के खिलाफ 169 सीआरपीसी की कार्रवाई कर रही है.

मंगलवार को पुलिस ने गोकशी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें नदीम, रहीस व काला शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक 3 दिसंबर को स्याना में हुई गोकशी की वारदात में ये तीनों शामिल थे. पुलिस ने बताया कि तीनों ही गोवंशों का शिकार करते थे.

बता दें कि इस पूरे मामले में यूपी पुलिस की कार्रवाई की योगी आदित्यनाथ ने तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि यह घटना एक राजनीतिक साजिश थी जिसे उनकी सरकार ने एक्सपोज किया है. योगी ने कहा, 'जो लोग इस मामले को लेकर बेकार की बयानबाजी कर रहे हैं वह केवल अपनी असफलता को छुपाना चाहते हैं. इसके बजाय उन्हें सरकार की सराहना करना चाहिए और उसका धन्यवाद करना चाहिए.'

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