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सांसद की मौत के बाद भी समय से ही पेश होगा बजट

ई अहमद की मौत की पुष्टि को लेकर भी विवाद हुआ.

FP Staff Updated On: Feb 01, 2017 10:14 AM IST

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सांसद की मौत के बाद भी समय से ही पेश होगा बजट

क्या बुधवार को बजट पेश होगा? केरल के सांसद ई अहमद के निधन के बाद केंद्रीय बजट के टलने की अटकलें लग रही हैं. हालांकि संकेत हैं कि बजट समय से ही पेश किया जाएगा.

आमतौर पर किसी सदन के सदस्य की मौत के बाद अगले दिन की कार्यवाही श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एक फरवरी को क्या ऐसा किया जाएगा. वैसे संवैधानिक तौर पर सदन को स्थगित करना जरूरी नहीं है.

सदन स्थगित करने पर सदन के पीठासीन अधिकारी को फैसला लेना होता है. पीठासीन अधिकारी इसके लिए सरकार और विपक्ष के नेता की राय ले सकते हैं. ऐसे में लोकसभा स्पीकर को यह फैसला लेना है कि कार्यवाही चले न या चले.

सूत्रों के मुताबिक, बजट पेश करने पर पीएमओ फैसला लेगा और स्पीकर को सलाह देगा. इससे पहले वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि संभव है कि बजट एक दिन के लिए टल जाए.

केरल के मलप्पुरम से सांसद ई अहमद 1991 से ही लोकसभा सदस्य थे. वह यूपीए सरकार में राज्यमंत्री रहे थे.

बजट समय से ही: संविधान विशेषज्ञ

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा कि ये अभूतपूर्व स्थिति है. उन्होंने कहा कि परंपरा तो यही रही है कि अगर सत्र के दौरान सांसद की मौत होने पर सदन को स्थगित किया जाता है लेकिन बजट को भी कभी नहीं टाला गया है.

उन्होंने कहा कि चूंकि अहमद का अंतिम संस्कार गुरुवार को केरल में होना है. ऐसे में संभव है कि श्रद्धांजलि के बाद बजट पेश किया जाए और गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी जाए.

अहमद की मौत पर विवाद

ई अहमद की मौत की पुष्टि को लेकर भी विवाद हुआ. ई अहमद के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन्हें अहमद से न तो मिलने दिया जा रहा है न ही उनके पास जाने दिया जा रहा है. संसद में बजट एक फरवरी को पेश होना है. शंका जताई जा रही थी कि बजट टालना न पड़े, इस उद्देश्य से कुछ छिपाया जा रहा है.

ई अहमद के निधन की सूचना मिलने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मंगलवार को देर रात राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचीं थीं. उनके इस दौरे का मकसद सांसद और पूर्व मंत्री ई अहमद का हाल जानना था. सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, अहमद पटेल और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद भी थे. अस्पताल प्रशासन ने इन सभी नेताओं को ई अहमद को दखने की इजाजत नहीं दी थी. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस पर कहा था कि यह सरकार का मनमाना रवैया है.

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