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बजट 2017: रेल सेफ्टी के लिए मिलेगा 1 लाख करोड़

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए इस बार के बजट में 5 साल के लिए 1 लाख करोड़ रुपए के फंड की घोषणा हो सकती है.

Updated On: Jan 30, 2017 05:31 PM IST

FP Staff

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बजट 2017: रेल सेफ्टी के लिए मिलेगा 1 लाख करोड़

पिछले साल कई बड़ी रेल दुर्घटनाओं के बाद रेलवे में सुरक्षा के मसले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. रेलवे में सेफ्टी का सवाल कोई नया नहीं है. हालिया रेल दुर्घटनाओं के बाद इस बार के बजट में उम्मीद की जा रही है कि सरकार रेल सुरक्षा पर आम बजट में अलग से कोई प्रावधान कर सकती है.

यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार 16 साल बाद एक बार फिर से राष्ट्रीय रेल सुरक्षा कोष (आरआरएसके) के जरिए रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए फंड जारी कर सकती है.

इसके तहत रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार इस बार बजट में 5 साल के लिए 1 लाख करोड़ रुपए फंड की घोषणा कर सकती है.

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इस बार रेल बजट आम बजट के अंतर्गत ही पेश की जाएगी. सूत्रों के अनुसार इस बार आम बजट में रेल बजट के लिए 55,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. यह इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रेल बजट होगा. हालांकि रेलवे ने करीब 60,000 करोड़ रुपए के बजट की मांग की थी. जबकि वित्त मंत्रालय शुरू में 48,000 करोड़ रुपए रेल बजट के लिए दे रहा था.

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सूत्रों के अनुसार पहले साल आरआरएसके के तहत 20,000 करोड़ रुपए का फंड जारी किया जाएगा. जिसमें से 1500 करोड़ रुपए 55,000 करोड़ के बजट के तहत जारी किया जाएगा और बाकी का 5,000 करोड़ रेलवे को खुद सृजित करना होगा.

इससे पहले 16 साल पहले तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने आरआरएसके के नाम से रेलवे के लिए विशेष सुरक्षा कोष बनाया था. इसके तहत उस वक्त 17,000 करोड़ रुपए का फंड जारी किया गया था. इसमें से 12,000 करोड़ रुपए वित्त मंत्रालय ने दिए थे बाकी के 5,000 करोड़ यात्रियों से सुरक्षा सरचार्ज के रूप में सृजित किया गया था.

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6 साल के दौरान इस फंड से रेलवे ने खास क्षेत्रों में सेफ्टी अपग्रेडेशन किया था. इस फंड से पुराने रेलवे पुलों, पटरियों और सिग्नलों के सिस्टम को बदला गया था. पिछले साल कानपुर के पास पटना-इंदौर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी,

जिसमें करीब 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस भी कानपुर के पास पटरी से उतर गई थी. पिछले साल की बड़ी रेल दुर्घटनाओं के बारे में आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं: अलविदा 2016: बड़े रेल हादसों के नाम रहा साल

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