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पुलिस ने भाई की कैद से बहन को छुड़ाया, न पानी देता था न खाना

अपने ही मल में लिपटी मिली महिला, कहा चार दिन में एक बार ब्रेड देते थे खाने को, नहीं देते थे पानी

Updated On: Sep 19, 2018 05:48 PM IST

FP Staff

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पुलिस ने भाई की कैद से बहन को छुड़ाया, न पानी देता था न खाना

मंगलवार को पुलिस ने 52 वर्षीय एक औरत को उसके घर की छत से सुरक्षित निकाला है. जहां उसे पिछले दो सालों से उसके भाई सुनील और भाभी ने कैद कर रखा था. डॉक्टरों का कहना है कि औरत की मानसिक स्थिति खराब है साथ ही उसकी 52 साल की उम्र में ही 80 साल के बुजूर्ग जैसी हालत हो गई है.

रोहिणी सेक्टर 7 में उस वक्त हलचल मच गई जब दिल्ली महिला आयोग की एक टीम महिला के एक और भाई नरेश की शिकायत पर उसके घर तलाशी लेने पहुंची. नरेश ने 181 पर फोन कर दिल्ली महिला आयोग को यह जानकारी दी थी.

हालांकि महिला की भाभी ने दिल्ली महिला आयोग को भीतर जाने से मना कर दिया और गाली गलोच करने लगी. इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची तो पीड़िता की भाभी ने उनको भी अंदर जाने से मना कर दिया. करीब एक घंटे तक यह ड्रामा चलता रहा.

पड़ोसी की छत से घुसी पुलिस

इसके बाद दिल्ली महिला आयोग और पुलिस की टीम के कुछ लोग पड़ोसी की छत से उस महिला की छत पर पहुंचे. इसके बाद का नजारा देख कर वह लोग भौंचक्के रह गए. उन्होंने देखा कि एक महिला काफी बुरी हालत में अपने ही मल में लिपटी हुई खुली छत पर गिरी हुई है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल का कहना है कि महिला की हालत काफी दयनीय है. उसकी हालत देख कर लगता है कि उसने कई दिनों से कुछ खाया नहीं है. स्वाती मालीवाल ने कहा कि पूरी छत उसके मल से भरी पड़ी थी.

रोहिणी डीसीपी रजनीश गुप्ता का कहना है कि धारा 344 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. और पुलिस जांच कार्य में जुट गई है. उनका कहना है कि महिला के भाई सुनील और भाभी अन्नापुर्णा को गिरफ्तार कर लिया गया है.

चार दिन में एक बार ब्रेड देते थे खाने को

शिकायतकर्ता और महिला के भाई नरेश नें पुलिस को बताया कि उसकी बहन उसकी मां के साथ रहती थी. लेकिन उनकी मौत के बाद वह सुनील के साथ रहने लगी थी, जो उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था. नरेश का कहना है कि सुनील उसकी बहन से उसे नहीं मिलने देता था.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक महिला ने दिल्ली महिला आयोग को बताया कि उसे चार दिन में एक बार ब्रेड का टुकड़ा खाने को दिया जाता था. उसने कहा कि उसको पानी तक नहीं दिया जाता था. वह बारिश के पानी को पीने के लिए सहेज कर रख लेती थी. महिला को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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