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थेरेसा मे की भारत यात्रा : दिल्ली को संवारेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन ने दिल्ली में 991 करोड़ निवेश करने की बात कही है. साझा बयान में इस निवेश की जानकारी दी.

Updated On: Nov 18, 2016 08:15 AM IST

FP Staff

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थेरेसा मे की भारत यात्रा : दिल्ली को संवारेगा ब्रिटेन

ब्रिटेन ने दिल्ली में 120 करोड़ पाउण्ड यानी करीब 991 करोड़ निवेश करने की बात कही है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे ने सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान में इस निवेश की जानकारी दी.
इस बयान में दोनो ही पक्षों ने एक दूसरे के साथ गहरे आर्थिक रिश्ते और सामरिक सहयोग की सराहना की. दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने भविष्य की रुपरेखा का खाका भी अपने साझा बयान के जरिए पेश किया.
जुलाई में पदभार ग्रहण करने के बाद थेरेसा मे का यह पहला द्विपक्षीय विदेश दौरा है. इस यात्रा के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने थेरेसा मे का आभार व्यक्त किया. मोदी ने कहा कि दिवाली के माहौल में थेरेसा का भारत आना उत्सव मनाने का एक और कारण बना है. उन्होंने ब्रिटेन और भारत के बीच साझेदारी का हवाला देते हुए कहा कि दोनो ही राष्ट्रों को व्यापक आर्थिक भागीदारी और एक समृद्ध शांतिपूर्ण दुनिया के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.

मोदी ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रबल संभावनाओं वाला क्षेत्र है. इसमें तेजी से विकास हो रहा है. उन्होंने भारत और ब्रिटेन के सीईओ फोरम की बैठक से दोनो देशों के रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद जाहिर की.

अपने बयान में मोदी ने संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति बैठक पर उन्होंने कहा कि यह बैठक दोनो देशों के बीच व्यापार के एजेंडे को आगे ले जाएगी. मोदी ने भारतीय कंपनियों के साथ भागीदारी के लिए ब्रिटिश कंपनियों को आमंत्रित किया है और रक्षा क्षेत्र में अवसरों का भी जिक्र किया.

आतंकवाद पर साझा चिंता

दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने साइबर स्पेस में सुरक्षा की चिन्ताओं पर भी चर्चा की. मोदी ने इस दिशा में दोनो देशों के परस्पर सहयोग का स्वागत किया.

पूरी दुनिया में चुनौती बन रहे आतंक को दोनो नेताओं ने पूरी मानवता के लिए खतरा माना. मोदी ने भारत के लिए सीमा पार आतंकवाद के खतरे पर चिंता व्यक्त की.

 

भारत-ब्रिटेन नें बौद्धिक संपदा साझा करने और आपस में व्यापार को आसान करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए. व्यापार को आसान बनाने कि लिए दोनो नेताओं ने स्टार्टअप्स को सहयोग, नियामक व्यवस्थाओं और आर्थिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर दोनो पक्षों की ओर से बल दिया जाएगा.

अपने बयान में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा कि उन्होंने अपने पहले द्विपक्षीय दौरे के लिए भारत को इसलिए चुना क्योंकि आज के दौर में यह साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मायने रखती है. थेरेसा मे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का भी समर्थन किया.

ब्रिटेन ने दिल्ली के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 991 करोड़ निवेश का वादा किया है. मे ने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के साझा खतरे का सामना कर रहे हैं.

साइबर सुरक्षा के मद्देनजर मोदी और मे ने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ जहां ब्रिटेन यूरोपीय संघ छोड़ रहा है तो दूसरी तरफ भारत दुनिया में अपनी भूमिका बढ़ाता जा रहा है. हमें इस मौके का फायदा उठाना होगा.

थेरसा मे ने अपने बयान में बताया कि भारत ऐसा पहला देश बन गया है. जिसे ब्रिटेन ने 'पंजीकृत ट्रैवलर स्कीम' की पेशकश की है. यह स्कीम उन देशों के लिए है, जिनके नागरिकों को ब्रिटेन आने के लिए वीजा की जरुरत पड़ती है.

अक्सर ब्रिटेन की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए इस स्कीम के लागू होने से पूरी प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी.

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