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ब्लाइंड बच्चों का यौन शोषण मामला: आखिर इनकी इंसानियत क्यों मर जाती है?

आरोपी का कहना है कि वह यौन संबंध की शिक्षा दे रहा था इसलिए उसके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं

Ravishankar Singh Ravishankar Singh Updated On: Sep 06, 2017 03:46 PM IST

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ब्लाइंड बच्चों का यौन शोषण मामला: आखिर इनकी इंसानियत क्यों मर जाती है?

दिल्ली के आरके पुरम का एक ब्लाइंड स्कूल आजकल चर्चा का केंद्र बना हुआ है. नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड (एनएबी) स्कूल के कई छात्रों ने एक अंग्रेज शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है.

मूक-बधिर छात्रों के साथ यौन शोषण करने वाला 54 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक मरे डेनिस वार्ड इस वक्त दिल्ली पुलिस की हिरासत में है. पिछले रविवार को मरे वार्ड पर कई नाबालिग मूक-बधिर छात्रों के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. वह स्कूल से कई सालों से जुड़ा हुआ था. वार्ड समय-समय पर स्कूल को आर्थिक मदद भी देता रहा है.

दिल्ली पुलिस इस मामले को लेकर काफी सावधानी बरत रही है क्योंकि मामला एक विदेशी नागरिक से जुड़ा हुआ है. इसलिए दिल्ली पुलिस धीरे-धीरे सभी सबूतों को एक-दूसरे से जोड़ने में लगी हुई है.

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दिल्ली पुलिस के पीआरओ मधुर वर्मा ने कहा, ‘देखिए मामला इंवेस्टिगेशन में है इसलिए अभी कुछ बोलना सही नहीं है. हालांकि, इस तरह के मामलों में जो आरोपी होते हैं उनका कहीं न कहीं पुराना रिकॉर्ड जरूर होता है. हम आरोपी के पूर्व रिकॉर्ड्स को खंगाल रहे हैं.’

पुलिस को मिली चाइल्ड पोर्नोग्राफी क्लिप्स

दिल्ली पुलिस की तहकीकात में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. दिल्ली पुलिस को मरे के लैपटॉप और मोबाइल में चाइल्ड पोर्नोग्राफी की क्लिप भी मिली है. इस स्कूल में 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

दिल्ली पुलिस के कानूनी सलाहकार और साइबर एक्सपर्ट को शक है कि मरे कहीं किसी अंतरराष्ट्रीय पोर्नोग्राफी ग्रुप से तो नहीं जुड़ा हुआ है. दिल्ली पुलिस हर तरीके से इस घटना के तह तक जाने का प्रयास कर रही है.

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मरे के खिलाफ इंग्लैंड में भी किसी तरह का आपराधिक मामला दर्ज है. इसके लिए ब्रिटिश हाई कमिश्नर से भी संपर्क साधा गया है.

भारतीय विदेश मंत्रालय भी इस मामले को लेकर जानकारी जुटाने में लग गई है. विदेश मंत्रालय गोवा में घटित एक इसी तरह के मामले से सीख लेकर इस मामले में काफी सतर्कता बरत रही है.

इस पूरे मामले में साउथ दिल्ली के ज्वाइंट सीपी आरपी उपाध्याय ने मीडिया से कहा, ‘मरे वार्ड को पॉस्को एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है. वार्ड को 2 सितंबर को वसंत कुंज स्थित उसके अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया है. हमलोग मामले की जांच गहराई से कर रहे हैं. हर स्तर पर जांच करने के बाद ही हम किसी नतीजे पर निकलेंगे.’

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक वार्ड ने कई बच्चों के साथ प्राकृतिक और अप्राकृतिक यौन शोषण किया है. जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी संस्थान के 29 अन्य छात्रों के संपर्क में था. आरोपी स्कूल के कई छात्रों को सेक्सुएल मैसेज भेजता रहता था. वह विशेष तौर पर नेत्रहीनों के लिए बनाए गए मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए उनसे बात करता था.

बच्चों को यौन शिक्षा देने की आड़ में बचने की कोशिश कर रहा है आरोपी

इस मामले में तब पर्दा उठा था जब दो सितंबर को स्कूल में ही काम करने वाले एक शख्स ने वार्ड को घिनौनी करतूत करते देख लिया. उसने मोबाइल से एक वीडियो बना कर दिल्ली पुलिस को सौंपा था.

दूसरी तरफ आरोपी मरे इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस से लगातार झूठ बोल रहा है. आरोपी का कहना है कि क्योंकि वह बच्चों को यौन संबंधी शिक्षा दे रहा था, इसलिए उसके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो बेबुनियाद हैं.

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पिछले सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था.

आरोपी मरे शादीशुदा है और उसकी तीन बेटियां भी हैं. जिस तरह का अपराध का आरोप उस पर लगा है उसे कुछ जानकार एक मानसिक बीमारी पीडोफिलिया भी बताते हैं.

दिल्ली स्थित नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड में प्री-नर्सरी से 12वीं तक पढ़ने वाले नेत्रहीन बच्चे आते हैं. इस स्कूल में लगभग 200 छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहते हैं. लगभग 100 छात्र-छात्राएं हर रोज पढ़ने के लिए आते हैं.

पीड़ित बच्चों की संख्या ज्यादा भी हो सकती है

स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ रहने और खाने-पीने के भी तमाम इंतजाम हैं. बच्चों को होमवर्क भी स्कूल में ही कराया जाता है. बच्चों को एक्सट्रा क्लास भी दी जाती हैं. बच्चों की पढ़ाई संस्था से बाहर दूसरे स्कूलों में भी कराई जाती है.

वह वॉलंटियर के तौर पर संस्था में काम करता था. इससे पहले वार्ड पर पहले किसी का शक गया और न ही किसी बच्चे ने उसकी शिकायत की. वार्ड अकेला ऐसा विदेशी वॉलंटियर था जिसे स्कूल में आने की इजाजत रहती थी.

फिलहाल यह पता नहीं लग सका है कि कितने बच्चे शिकार हुए हैं. लेकिन इस घटना के बाद से स्कूल ने यहां आने वाले तमाम वॉलंटियर की एंट्री पर बैन लगा दिया है. साथ ही स्कूल में रहने और यहां हर रोज आने वाले तमाम बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है.

इस मामले में यह जानकारी लेना बाकी है कि आरोपी इस तरह से कितने सालों से बच्चों के साथ ऐसा कर रहा था. यहां से जाने वाले बच्चों के साथ कुछ गलत हुआ है या नहीं इसकी जानकारी नहीं है. दिल्ली पुलिस स्कूल के कई पूर्व छात्रों से भी इस बारे में बात करने का प्रयास कर रही है.

शिक्षक दिवस से ऐन पहले हुआ ये मामले बेहद शर्मनाक हैं. पर यह ऐसा पहला मामला नहीं है जब किसी अंग्रेज पर इस तरह की घिनौनी हरकत का आरोप लगा है. पहले से इंग्लैंड का एक नागरिक रेमंड वार्ले पर सैकड़ों बच्चों के साथ यौन शोषण का मामला भारत में चल रहा है. भारत सरकार पिछले कई सालों से रेमंड वार्ले के प्रत्यर्पण की कोशिश में है. लेकिन, मेडिकल कारणों से प्रत्यर्पण का मामला अटका हुआ है.

मरे वार्ड 2000 से भारत में रह रहा है. डेनिस ने भी भारत में कई नौकरियां बदली है. लिहाजा पुलिस इन संस्थानों से भी डेनिस के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है. डेनिस भारत में चेन्नई, बेंगलुरु और मुंबई आता-जाता रहा है.

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