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उपचुनाव: क्या 2019 तक बहुमत से नीचे लौट जाएगी बीजेपी?

बीजेपी 2017-18 में सभी 10 उपचुनाव हार चुकी है

Updated On: Mar 14, 2018 07:44 PM IST

FP Staff

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उपचुनाव: क्या 2019 तक बहुमत से नीचे लौट जाएगी बीजेपी?

साल 2014 देश में 16 मई के बाद देश की राजनीती में एक ही नाम छा गया. हर-हर मोदी, घर-घर मोदी. देश का चप्पा-चप्पा भाजपा हो गया. इसके बाद अमित शाह देश के नए चाणक्य बन गए. देश के तमाम राज्यों में एक-एक कर बीजेपी सरकार बनने लगी. जिन राज्यों में सरकार सीधे नहीं बनी, वहां 'कुछ और' कर के सरकार बना ली गई. लेकिन इन सबके बीच बीजेपी उपचुनाव हारती गई. आज की तीन सीटें मिला लें तो बीजेपी ने लगातार सात उपचुनाव हारे हैं.

हालत अब ये है कि अगर अमित शाह एंड पार्टी अगले दो उपचुनाव हार जाती है तो बीजेपी ठीक बहुमत पर आ जाएगी. हालांकि सरकार की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. बस विपक्ष को खुश होने के लिए मन का धन मिल जाएगा. अगर आने वाले चुनावों में पार्टी की कोई और लोकसभा सीट खाली हुई तो सरकार तकनीकी रुप से बहुमत के नीचे भी जा सकती है.

क्या है गणित?

बीजेपी ने 2014 में 282 सीटें जीतीं. इनमें अलग-अलग कारणों से उपचुनाव हुए. विनोद खन्ना के निधन से खाली हुई गुरदासपुर सीट, योगी और केशव प्रसाद मौर्य के विधान परिषद जाने से खाली हुई गोरखपुर और फूलपुर सीट की तरह ही चित्रकूट, अजमेर, अलवर, में उपचुनावों में बीजेपी हार गई. इस तरह से बीजेपी 6 सीटों का घाटा उठाकर 276 पर आ गई है. इसके अलावा दो और सीटें बीजेपी के सांसदों के निधन से खाली हैं. यूपी का कैराना, हुकुम सिंह और महाराष्ट्र का पालघर चिंतामन वानगा के निधन से खाली है. ये वो सीटें हैं जहां बीजेपी के सांसद थे. जो सीटें किसी और पार्टी के सांसद के निधन से खाली हुई थीं वहां भी पार्टी को जीत नसीब नहीं हुई.

ऐसी स्थिति में अगर बीजेपी इन दोनों जगहों पर भी चुनाव हार जाती है तो सरकार की 274 सीटें हो जाएंगी. इसमें से एक स्पीकर की सीट को हटा दें. आंकड़ा 273 हो जाता है. जो कि तकनीकी रूप से बहुमत से बस एक सीट ज्यादा है. अगर राजस्थान और मध्यप्रदेश में बीजेपी को चुनाव परिणामों के बाद कोई लोकसभा सीट खाली करनी पड़ी (गोरखपुर, फूलपुर की तरह) तो गिनती बहुमत से नीचे जा सकती है.

भारत में राजनीति छवि बनाने का खेल है. लोग असल परिस्थिति से हटकर पर्सेप्शन पर वोट देते हैं. मोदी सरकार का 2019 में क्या होगा, पता नहीं लेकिन इन आंकड़ों का भी एक पर्सेप्शन है

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