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मोदी हेल्थ केयर को लागू करने में क्यों उत्साहित नहीं हैं, BJP शासित ये राज्य!

अभी तक दिल्ली, पंजाब ने इस पर ना-नुकुर का रवैया दिखाया है और ओडिशा ने इसे लागू करने से मना कर दिया है

Updated On: Jul 08, 2018 05:21 PM IST

FP Staff

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मोदी हेल्थ केयर को लागू करने में क्यों उत्साहित नहीं हैं, BJP शासित ये राज्य!

नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना को लागू करने में बीजेपी शासित दो राज्य ही लागू करने में 'अनिच्छा' दिखा रहे हैं. अभी तक दिल्ली, पंजाब ने इस पर ना-नुकुर का रवैया दिखाया है और ओडिशा ने इसे लागू करने से मना कर दिया है. अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि राजस्थान और महाराष्ट्र भी इस योजना को लागू करने में अनिच्छा दिखा रहे हैं. इस अनिच्छा की मुख्य वजह यह है कि इन राज्यों में पहले से ही इस तरह की योजनाएं लागू हैं.

ये है मुख्य वजह

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि हालांकि राजस्थान सरकार ने केंद्र की इस योजना का स्वागत किया है लेकिन वे इस बारे में सुनिश्चित नहीं हैं कि इसे लागू कैसे किया जाए क्योंकि राजस्थान में पहले से ही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना लागू है, जिसके तहत लगभग 4.5 करोड़ लोगों को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं. अफसर ने पीटीआई को बताया कि और यही नहीं इंश्योरेंस कंपनी के साथ अनुबंध अगले साल तक है. इस वजह से वे दोनों को योजनाओं को वर्तमान में चल रही योजना को प्रभावित किए बगैर एकसाथ मिलाने का रास्ता खोज रहे हैं.

दूसरी तरफ महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि योजना को लागू करने के लिए उसके पास आवश्यक फंड नहीं है. महाराष्ट्र सरकार पहले से महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना चला रही है, जिसके तहत 2.2 करोड़ लोगों को 2 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा का कवर दिया जा रहा है.

ओडिशा सरकार ने केंद्र सरकार की इस योजना को लागू करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि उनके राज्य में पहले से ही इस तरह की योजना बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना चल रही है और इसमें आयुष्मान भारत की तुलना में अधिक लाभ दिए जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की सरकार इस योजना से असहमत होने के बावजूद इसे लागू करने पर सहमत हो चुकी है. अब तक कुल 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें इस योजना पर सहमति जता चुकी हैं.

(पीटीआई से इनपुट)

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