S M L

PM मोदी के नाम चिट्ठी: जजों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाएं ताकि मामले निपट सकें

बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने अपील की है कि रिटायरमेंट की मौजूदा उम्र 65 साल है, जिसके चलते बेंच के कई अनुभवी जज सत्तर साल की अवस्था से पहले रिटायर हो रहे हैं

FP Staff Updated On: Jun 29, 2018 04:38 PM IST

0
PM मोदी के नाम चिट्ठी: जजों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाएं ताकि मामले निपट सकें

बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के रिटायर होने की उम्र बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. बीजेपी नेता ने चिट्ठी में अनुरोध किया है कि जजों को 70 साल पर रिटायर किया जाए क्योंकि मामलों के निपटारे में देरी होती है.

इस साल 6 और जज रिटायर होंगे. इसके बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर हो जाएंगे. इसके साथ ही कॉलेजिएम के दो सदस्य जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस मदन लोकुर भी 29 नवंबर और 30 दिसंबर को रिटायर हो जाएंगे.

प्रधानमंत्री को लिखी गई चिट्ठी मुख्य रूप से मामलों के निपटारे में हो रही देरी को लेकर है. पेशे से वकील उपाध्याय ने अपील की है कि रिटायरमेंट की मौजूदा उम्र 65 साल है, जिसके चलते बेंच के कई अनुभवी जज सत्तर साल की अवस्था से पहले रिटायर हो रहे हैं.

चिट्ठी में बीजेपी नेता ने कहा है, 'ब्रिटेन में जज 75 साल की उम्र में रिटायर होते हैं और ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, नॉर्वे में 70 साल रिटायरमेंट की उम्र है. वहीं अमेरिका, रूस, न्यूजीलैंड और आइसलैंड में शारीरिक और मानसिक फिटनेस के आधार पर वह ताउम्र काम करते हैं.'

चिट्ठी ने लिखा गया है, 'भारतीय न्याय व्यवस्था को लगभग 310 लाख मामलों को निपटाने में 320 साल लग जाएंगे. जजों की अपर्याप्त संख्या के चलते मामले लटकते हैं. 10 लाख मामलों पर 13.05 जज हैं. वहीं ऑस्ट्रेलिया में प्रति 10 लाख पर 58, कनाडा में 75 और ब्रिटेन में 100 हैं, जबकि अमेरिका में यह संख्या 130 है.'

(न्यूज18 के लिए देबायन रॉय की रिपोर्ट)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi