S M L

बिलकीस बानो केस: हाई कोर्ट ने बरकरार रखी दोषियों की सजा

2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकीस बानो के बलात्कार और रिश्तेदारों की हत्या का मामला

FP Staff Updated On: May 04, 2017 11:46 AM IST

0
बिलकीस बानो केस: हाई कोर्ट ने बरकरार रखी दोषियों की सजा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बिलकीस बानो का सामूहिक बलात्कार और उसके रिश्तेदारों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए 12 लोगों की सजा बरकरार रखी है. हालांकि कोर्ट ने सीबीआई की यह अर्जी भी नामंजूर कर दी कि दोषियो को फांसी की सजा दी जाए.

मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकीस बानो का सामूहिक बलात्कार और उसके रिश्तेदारों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस कांड में दोषी ठहराए गए 12वें व्यक्ति सोमाभाई गोरी को तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई थी. एक आरोपी की अदालती कार्यवाही के दौरान मृत्यु हो गई.

विशेष अदालत ने जिन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई उनमें जसवंतभाई नाई, गोविंदभाई नाई, शैलेश भट्ट, राधेश्याम शाह, विपिन जोशी, केशरभाई वोहानिया, प्रदीप मोरदिया, बाकाभाई वोहानिया, राजनभाई सोनी, नीतीश भट्‍ट और रमेश चंदाना शामिल हैं.

घटना तीन मार्च 2002 की है. बिलकीस और 16 अन्य लोग चपरवाड़ से पानीवेला जा रहे थे, तभी उन पर दंगाइयों ने हमला किया. बिलकीस बानो और उसके परिजन पर दंगाइयों के इस हमले में आठ लोग मारे गए. दंगाइयों के इस हमले के बाद से छह अन्य लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है. दंगाइयों के इस हमले के समय बिलकीस गर्भवती थी. दंगाइयों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया.

उल्लेखनीय है कि पहले इस मामले की अदालती कार्यवाही गुजरात में ही चल रही थी, लेकिन सीबीआई और बिलकीस बानो ने अंदेशा जताया कि इस कांड के चश्मदीद गवाहों को सताया या नुकसान पहुंचाया जा सकता है. इन आशंकाओं के मद्‍देनजर उच्चतम न्यायालय ने 2004 के अगस्त माह में मामले की अदालती कार्यवाही अहमदाबाद से स्थानांतरित कर मुंबई कर दी. अदालती कार्यवाही के दौरान इस समूह के सदस्यों में से एक नरेश मोर्दिया की मौत हो गई.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi