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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: SC ने खारिज की ब्रजेश ठाकुर की याचिका, कहा- स्वस्थ है आरोपी

कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर के मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम को ढहाने की सौंपी गई याचिका को भी खारिज कर दी है

Updated On: Dec 10, 2018 01:46 PM IST

FP Staff

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस: SC ने खारिज की ब्रजेश ठाकुर की याचिका, कहा- स्वस्थ है आरोपी

चर्चित मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसकी याचिका खारिज की.

मेडिकल बोर्ड के सौंपे इस रिपोर्ट में ब्रजेश ठाकुर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं पाए जाने की बात कही गई है. इसमें कहा गया कि ब्रजेश ठाकुर पूरी तरह से स्‍वस्‍थ है.

दरअसल ब्रजेश ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उसे पटियाला जेल में यातनाएं दी जा रही हैं. उसके बच्चों ने भी सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखकर गुहार लगाई थी कि उनके पिता की स्थिति ठीक नहीं है, और पटियाला जेल में उन पर अत्याचार किया जा रहा है.

इस पत्र में लिखा है कि ब्रजेश ठाकुर को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता है. इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मेडिकल जांच का आदेश दिया था.

कोर्ट ने इसके अलावा ब्रजेश ठाकुर के मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम को ढहाने (गिराने) की सौंपी गई याचिका को भी खारिज कर दी है.

लड़कियों के लिए मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम था 'हॉरर हाउस'

बता दें कि 2018 के शुरुआत में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई (टीआईएसएस) ने अपने सोशल ऑडिट के आधार पर मुजफ्फरपुर के साहु रोड स्थित बालिका सुधार गृह (शेल्टर होम) में नाबालिग लड़कियों के साथ कई महीने तक रेप और यौन शोषण होने का खुलासा किया था.

मेडिकल जांच में शेल्टर होम की कम से कम 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हुई थी. पीड़ित कुछ बच्चियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था फिर उनके साथ रेप किया जाता था. इस दौरान उनके साथ मारपीट भी होती थी. पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब उनकी बेहोशी छंटती थी और वो होश में आती थीं तो खुद को निर्वस्र (बिना कपड़ों) पाती थीं.

Bihar Muzaffarpur Shelter Home

ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ द्वारा संचालित इस गर्ल्स शेल्टर होम में नाबालिग बच्चियों का रेप और यौन शोषण किया जाता था (फोटो: फेसबुक से साभार)

मामले के तूल पकड़ने पर बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी. जिसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने 28 जुलाई से इसकी जांच शुरू की थी. इस हाई प्रोफाइल केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत कई आरोपी जेल में हैं.

इस कांड में अपने पति और अपना नाम सामने आने के बाद नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रहीं मंजू वर्मा ने काफी दबाव के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था. मंजू वर्मा ने बीते 20 नवंबर को बेगूसराय कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.

यह घटना सामने आने पर नीतीश सरकार की काफी किरकिरी हुई थी. विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार को खूब निशाना बनाया था.

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