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मुजफ्फरपुर: आरोपी ब्रजेश ठाकुर के एक और शेल्टर होम से 11 महिलाएं लापता, केस दर्ज

ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ ने शेल्टर होम की गुमशुदा महिलाओं के बारे में विभाग को जानकारी नहीं दी. जिसके बाद महिला थाने में एनजीओ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है

Updated On: Jul 31, 2018 11:21 AM IST

FP Staff

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मुजफ्फरपुर: आरोपी ब्रजेश ठाकुर के एक और शेल्टर होम से 11 महिलाएं लापता, केस दर्ज

बिहार के मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का एक और गुनाह उजागर हुआ है. न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार ब्रजेश ठाकुर संचालित मुजफ्फरपुर के ही एक अन्य शेल्टर होम से 11 महिलाओं के लापता होने की खबर है.

बताया जा रहा है कि सेवा संकल्प एवं विकास समिति (ब्रजेश ठाकुर का एनजीओ) की ओर से मुजफ्फरपुर में ही एक स्वाधार गृह भी चलाया जाता था. पिछले दिनों गर्ल्स शेल्टर होम में नाबालिग लड़कियों से रेप और यौन शोषण मामले का खुलासा होने के बाद इस एनजीओ ने इस शेल्टर होम को बंद कर दिया था. लेकिन वहां रहने वाली 11 महिलाओं का कुछ अता-पता नहीं चल रहा है.

Muzaffarpur Shelter Home Brajesh Thakur

ब्रजेश ठाकुर (फोटो: फेसबुक से साभार)

एनजीओ ने इन गुमशुदा महिलाओं के बारे में विभाग को जानकारी नहीं दी. जिसके बाद सोमवार रात को विभाग के निर्देश के बाद महिला थाने में एनजीओ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

सूत्रों के अनुसार बीते 20 मार्च को जिला निरीक्षण टीम ने इस शेल्टर होम का दौरा किया था, तब यह 11 महिलाएं वहां मौजूद थीं. लेकिन बालिका गृह कांड सामने आने के बाद टीम जब दोबारा 9 जून को वहां गई तो वहां ताला जड़ा था. टीम की ओर से इसकी पटना मुख्यालय को खबर दी गई. विभाग से निर्देश मिलने के बाद एनजीओ के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है.

Bihar Muzaffarpur Shelter Home

(फोटो: फेसबुक से साभार)

बता दें कि इस साल के शुरुआत में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई (टीआईएसएस) ने अपने सोशल ऑडिट के आधार पर मुजफ्फरपुर के साहु रोड स्थित बालिका सुधार गृह (शेल्टर होम) में नाबालिग लड़कियों के साथ कई महीने तक रेप और यौन शोषण होने का खुलासा किया था. इस दौरान कई लड़कियों को गर्भपात के लिए भी मजूबर किया गया था.

मेडिकल जांच में शेल्टर होम की कम से कम 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हुई है. पीड़ित कुछ बच्चियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था फिर उनके साथ रेप किया जाता था. इस दौरान उनके साथ मारपीट भी होती थी. पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब उनकी बेहोशी छंटती थी और वो होश में आती थीं तो खुद को निर्वस्र (बिना कपड़ों) पाती थीं.

मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की. इसके अलावा शेल्टर होम चलाने वाले एनजीओ को काली सूची (ब्लैक लिस्ट) में डाल दिया गया है. और पीड़ित लड़कियों को पटना और मधुबनी के शेल्टर होम में भेज दिया गया है.

हालांकि मुजफ्फरपुर गर्ल्स शेल्टर होम कांड को लेकर बिहार में राजनीति में आया भूचाल अभी भी जारी है.

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