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बिहार: BJP-JDU की गठबंधन सरकार बनने के बाद बढ़े सांप्रदायिक हिंसा के मामले

जुलाई 2017 में बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन वाली सरकार बनने के बाद अब तक सांप्रदायिक हिंसा के 200 मामले सामने आ चुके हैं

Updated On: Apr 02, 2018 10:41 AM IST

FP Staff

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बिहार: BJP-JDU की गठबंधन सरकार बनने के बाद बढ़े सांप्रदायिक हिंसा के मामले

बिहार के कई शहरों में हुई सांप्रदायिक हिंसा और तनाव के पीछे बीजेपी नेताओं के हाथ होने के आरोप लगे हैं. इसी वजह से नीतीश सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया जा रहा है कि बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार चलाने की मजबूरी की वजह से वो इन घटनाओं पर सख्ती नहीं दिखा रही है. अब आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करने लगे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि बिहार में जब से बीजेपी-जेडीयू की नई सरकार बनी है राज्य में सांप्रदायिक हिंसा के मामलों में तेजी आई है. जुलाई 2017 में बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन वाली सरकार बनने के बाद अब तक सांप्रदायिक हिंसा के 200 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 67 मामले सिर्फ इस साल के हैं.

इसके पहले पिछले 5 वर्षों में सांप्रदायिक हिंसा के मामले इतने अधिक नहीं देखे गए. आंकड़ों के मुताबिक 2012 में सांप्रदायिक हिंसा के सिर्फ 50 मामले सामने आए जबकि 2013 में 112 मामले, 2014 में 110, 2015 में 155 और 2016 में सांप्रदायिक हिंसा के 230 मामले दर्ज किए गए. साल 2017 में सांप्रदायिक हिंसा के 270 मामले सामने आए. ये हाल के वक्त का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

इस साल के 67 मामलों में 21 सिर्फ जनवरी महीने के हैं. सांप्रदायिक हिंसा के 13 मामले फरवरी महीने में जबकि 30 मार्च महीने में सामने आए हैं. मार्च महीने के सांप्रदायिक हिंसा के ज्यादातर मामले मुस्लिम इलाकों से हिंदू जुलूस निकाले जाने को लेकर हुई है. बिहार के अररिया में आरजेडी की जीत के बाद पैदा हुए विवाद ने भी तनाव पैदा किया. आरोप लगाया गया था कि आरजेडी की जीत के बाद कुछ मुस्लिम युवकों ने भारत विरोधी नारे लगाए थे, इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हुआ लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई. इसके बाद भागलपुर, मुंगेर, औरंगाबाद, समस्तीपुर, शेखपुरा, नवादा और नालंदा में सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आए.

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