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हरेक लड़की की सुनेंगे तो यूनिवर्सिटी कैसे चलाएंगे: BHU वीसी

कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा है कि बीएचयू में विरोध प्रदर्शन को बढ़ावा देने के पीछे उन बाहरी लोगों का हाथ है

FP Staff Updated On: Sep 26, 2017 12:35 PM IST

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हरेक लड़की की सुनेंगे तो यूनिवर्सिटी कैसे चलाएंगे: BHU वीसी

बीएचयू में छात्रा के साथ छेड़छाड़ मामले में यूनिवर्सिटी के कुलपति गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने विवादित बयान दिया है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा है कि अगर हम हर एक लड़की की सुनने लगेंगे, तो यूनिवर्सिटी नहीं चला पाएंगे.

उन्होंने कहा है कि बीएचयू में विरोध प्रदर्शन को बढ़ावा देने के पीछे उन बाहरी लोगों का हाथ है. जिनकी नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस दौरे पर थी. कैंपस में लड़कों और लड़कियों की सुरक्षा के मानकों से समझौता नहीं किया गया है.

बीएचयू के वीसी से सवाल किया गया कि बीएचयू के छात्रों का कहना है कि लड़कियों की सुरक्षा यहां का बड़ा मुद्दा है. खासतौर से गुरुवार को हुए छेड़छाड़ मामले के बाद से. छात्रों को असुरक्षित क्यों महसूस हो रहा है?

इस पर उन्होंने कहा कि ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं इसे लेकर काफी दुखी हूं. लेकिन कई बार मुद्दे होते हैं और कई बार मुद्दे बनाए जाते हैं. ये मुद्दा बनाया गया है. मुझे लगता है ये मुद्दा बाहरी लोगों ने बनाया है. ये लोग झूठ को सच बनाने की कोशिश करते हैं और मासूम व नासमझ इसे सच मान बैठते हैं.

यूनिवर्सिटी राजनीति करने की जगह नहीं है. यूथ हमेशा सच और न्याय के लिए खड़ा होता है. लेकिन यहां छात्र कुछ ऐसी चीज के लिए खड़े हुए हैं, जिसे सच बनाया गया है. लेकिन वो झूठ है.

वीसी से पूछा गया कि अगर आप कह रहें हैं कि कैम्पस में सुरक्षा के मानकों से समझौता नहीं किया गया है. तो फिर छात्रा के साथ छेड़छाड़ कैसे हुई और उसकी पहचान क्यों उजागर की गई?

इस पर वीसी ने कहा घटनाएं होती हैं. बीएचयू कैंपस में करीब 10 हजार लड़कियां रह रही हैं. हम हॉस्टल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं, तभी यहां कर्फ्यू टाइमिंग भी हैं. लेकिन सड़क पर बाहर इस तरह की कोई टाइमिंग नहीं है. हालांकि अहम बात ये है कि हम मामले को कैसे हैंडल करते हैं. ये काफी बड़ा कैंपस है. कहीं भी कुछ भी हो सकता है. हम हर एक छात्र को गार्ड नहीं दे सकते हैं.

इस तरह के आरोप लगाना कि यूनिवर्सिटी छात्रों की बात नहीं सुनती है, सरासर गलत है. ये अफवाह कुछ एक छात्रों द्वारा फैलाई हुई है. कैंपस में 10 हजार लड़कियां हैं. लेकिन कुछ ही लड़कियां ऐसी हैं, जिन्हें हमेशा इस तरह की शिकायत रहती है. हम छात्रों के लिए अपना बेस्ट कर रहे हैं. हमने हाईकोर्ट के जज के नेतृत्व में मामले की जांच करने के लिए कमेटी का गठन भी किया है.

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