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भोपाल: रेप पीड़ित को 'आरोपी' और रेप को 'सहमति' की मेडिकल रिपोर्ट से उठे सवाल

भोपाल गैंगरेप केस की मेडिकल रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं

Dinesh Gupta Updated On: Nov 10, 2017 09:46 AM IST

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भोपाल: रेप पीड़ित को 'आरोपी' और रेप को 'सहमति' की मेडिकल रिपोर्ट से उठे सवाल

सरकार ने आनन-फानन में नई मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराकर भोपाल गैंगरेप की घटना में उठे नए विवाद पर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास तो किया है, लेकिन इससे रेप पीड़ित की मदद करने के सरकारी रवैये पर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं. रिपोर्ट पर विवाद उठने के बाद पीड़िता का मेडिकल करने वाली डॉक्टर खूशबू गजभिए ने कहा कि विक्टिम को अक्यूज्ड गलती से लिख गया है.

रिपोर्ट में और भी गलतियां हैं, जो आरोपियों को मदद पहुंचा सकती है. सबसे बड़ी गलती रेप की घटना को सहमति से सेक्स होना बताया गया है. डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में पीड़िता के कथित हवाले से लिखा है कि आरोपियों ने सेक्स सहमति से किया. विवाद के बाद रेप को सहमति से सेक्स होने की रिपोर्ट देने वाली डॉक्टर खूशबू गजभिए को भोपाल के डिवीजन कमिश्नर ने शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. भोपाल गैंगरेप की इस घटना की जांच और कार्यवाही में लापरवाही कई स्तरों पर सामने आई है.

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पहले तो पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट ही नहीं लिखी थी. थाने की सीमा को लेकर मामले को टालने की कोशिश की गई. अब मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई है. सरकार भी मेडिकल रिपोर्ट देने वाली डॉक्टर का यह कहकर बचाव कर रही है कि विक्टिम को एक्यूज्ड गलती से लिख दिया गया है. रिपोर्ट अंग्रेजी में लिखी गई है. जिसमें पीड़िता के बयान के अनुसार डॉक्टर को अपनी रिपोर्ट में लिखना चाहिए कि विदआउट हर कसेंट, लेकिन लिखा गया विद हर कसेंट.

bhopal rape case 1

प्रतीकात्मक तस्वीर

एमएस की छात्र है रिपोर्ट देने वाली डॉक्टर

गैंगरेप की शिकार युवती का मेडिकल भोपाल के सुल्तानिया जनाना अस्पताल में कराया गया था. मेडिकल एक नवंबर को रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे हुआ. डॉक्टर खूश्बू गजभिए उस वक्त ड्यूटी पर तैनात थीं. बताया जाता है कि खूश्बू जूनियर डॉक्टर हैं. वे सरकारी नौकरी में रहते हुए गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल से एमएस की पढ़ाई भी कर रहीं हैं. गैंगरेप पीड़िता का मेडिकल सीनियर डॉक्टर संयोगिता सराह के सुपरविजन में किया गया था.

रिपोर्ट भी उन्हें दिखाने के बाद फाइनल की गई. पुलिस को साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट बंद लिफाफे में तुरंत दे दी गई. तीन दिन तक पुलिस इस रिपोर्ट को दबाकर बैठी रही. मामला उस वक्त खुला जब सरकार ने जीआरपी की एसपी अनिता मालवीय का तबादला कर दिया. एसपी का घटना का हंसते हुए मीडिया को विवरण देते हुए वीडियो वायरल हुआ था.

अपने तबादले को मालवीय ने साजिश बताते हुए कहा कि था कि मैं अपने सिस्टम की गलती सुधारने की कोशिश कर रही थी. गैंगरेप की घटना के बाद सरकार ने भोपाल के पुलिस महानिरीक्षक योगेश चौधरी सहित एक सीएसपी और तीन थाना प्रभारियों का तबादला भी किया है. डॉक्टर खूश्बू गजभिए ने अपनी रिपोर्ट में टांग, पीठ एवं हाथ पर खरोंच के निशान होना पाया है. झिल्ली भी फटी हुई पाई गई है.

मेडिकल रिपोर्ट

मेडिकल रिपोर्ट

पुलिस ने तैयार कराई दूसरी रिपोर्ट

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की स्वशासी समिति के अध्यक्ष एवं भोपाल के डिवीजनल कमिश्नर अजातशत्रु श्रीवास्तव ने बताया कि रिपोर्ट में प्रथम दृष्ट्या गलतियां सामने आने के बाद संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवारई की जा रही है. मेडिकल रिपोर्ट में सुधार कर लिया गया है.

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किसी घटना के पीड़ित की जो मेडिकल रिपोर्ट डॉक्टरों द्वारा तैयार की जाती है, उसमें कुल पांच कॉलम होते हैं. रिपोर्ट के पहले कॉलम में पीड़ित पक्ष द्वारा बताई गई घटना का विवरण लिखा जाता है. इस पहले कॉलम में ही डॉक्टर गजभिए ने रेप विक्टिम को एक्यूज्ड लिखा और घटना के विवरण में सेक्स विद कसेंट लिख दिया. डॉक्टर ने क्या-क्या जांच की, इसका विवरण भी रिपोर्ट में लिखा गया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल मेडिकल कॉलेज के एक प्रोफेसर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह एक गंभीर कृत्य है, इससे आरोपियों को लाभ मिल सकता है. इस प्रोफेसर ने कहा कि संभव है कि सरकार डॉक्टर के प्रति सहानुभूति पूर्ण रवैया अपनाए. इसे सिर्फ पेन स्लिप मान लिया जाए. भोपाल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल गुप्ता ने कहा कि संभव है कि रिपोर्ट लिखने वाले डॉक्टर की अंग्रेजी कमजोर हो, वो पीड़ित द्वारा हिंदी में बताए गए विवरण को ठीक से समझ नहीं पाया हो. रिपोर्ट से ऐसा लगता है कि डॉक्टर ने आरोपी का मेडिकल किया है. इस तरह की घटना में आरोपी का भी मेडिकल किया जाता है.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोचिंग आठ बजे बंद करें

गैंगरेप की शिकार युवती प्रशासनिक सेवा की कोचिंग कर रही थी. रेप की घटना कोचिंग से हबीबगंज स्टेशन जाते वक्त हुई थी. भोपाल में अधिकांश कोचिंग क्लासेस महाराणा प्रताप नगर में हैं. आस-पास के शहरों से कई स्टूडेंट ट्रेन से अप-डाउन कर कोचिंग अटेंड करने आते हैं. जिस स्थान पर कोचिंग क्लासेस चल रहीं हैं, वो रेल की पटरियों के नजदीक हैं. हबीबगंज स्टेशन पहुंचने के लिए कई स्टूडेंट रेल की पटरियों का उपयोग शॉर्टकट के रूप में करते हैं.

गैंगरेप की घटना के बाद राज्य के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी ने आदेश दिया कि सभी कोचिंग क्लास रात आठ बजे बंद कर दिए जाएं. जोशी के इस निर्णय का विरोध उनकी वरिष्ठ सहयोगी नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की है. कोचिंग संचालक भी सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं.

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