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गोरेपन की चाह में 5 साल के बच्चे को मां ने पत्थरों से रगड़ डाला

आरोपी मां का नाम सुधा तिवारी है और वो सरकारी स्कूल में टीचर है. वहीं बच्चे का पिता एक प्राइवेट हॉस्पिटल में संविदा पर काम करता है

Updated On: Apr 02, 2018 04:43 PM IST

FP Staff

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गोरेपन की चाह में 5 साल के बच्चे को मां ने पत्थरों से रगड़ डाला
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भोपाल की एक मां को गोरे बच्चे की चाह ऐसी थी कि उसने अपने गोद लिए हुए बच्चे को पत्थर से रगड़ दिया. बच्चे को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया है. बच्चा बहुत ही बुरी हालत में है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल के निशातपुरा में पुलिस ने एक घर से एक पांच साल के बच्चे को बचाया, जो बहुत ही बुरी हालत में था. उसके चेहरे, पैर, पीठ और कलाई पर चोट के निशान थे. पुलिस को बच्चे की मौसी की बेटी की ओर से शिकायत मिली थी.

आरोपी मां का नाम सुधा तिवारी है और वो सरकारी स्कूल में टीचर है. वहीं बच्चे का पिता एक प्राइवेट हॉस्पिटल में संविदा पर काम करता है. पुलिस ने बताया कि डेढ़ साल पहले इस परिवार ने बच्चे को उत्तराखंड के अनाथाश्रम मातृछाया से गोद लिया था और भोपाल ले गए थे. लेकिन बच्चे की मां को उसका रंग पसंद नहीं आया. तो वो उसे गोरा करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाने लगी. 1 साल पहले किसी की सलाह पर तो उसने उसे काले पत्थरों से रगड़ना शुरू किया, ताकि वो गोरा हो जाए. बच्चा गोरा तो नहीं हुआ लेकिन उसके शरीर पर घाव जरूर हो गए, वो भी बुरी तरह.

बच्चे की मौसी की बेटी शोभना शर्मा से आखिरकार जब ये देखा नहीं गया तो उन्होंने चाइल्ड लाइन और पुलिस में इसकी शिकायत की, फिर पुलिस ने रविवार को सुधा तिवारी के घर पहुंचकर बच्चे को अपने कस्टडी में लिया. शोभना ने ये आरोप भी लगाया कि मातृछाया को बच्चे को गोद देने से पहले जांच करनी चाहिए थी लेकिन उन लोगों ने ऐसा नहीं किया.

रिपोर्ट के मुताबिक, चाइल्ड लाइन की डायरेक्टर अर्चना सहाय ने बताया कि जब उन लोगों ने बच्चे को बचाया तो वो बहुत बुरी हालत में था. उसके पूरे शरीर पर घाव थे. उसे हमीदिया अस्पताल ले जाया गया. जहां उसका इलाज किया गया और बाद में आगे की जांच के लिए चाइल्ड लाइन सेंटर भेज दिया गया. बच्चे को अब चाइल्ड वेलफेयर कमीशन के सामने पेश किया जाना है.

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