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भीमा कोरेगांव हिंसा: आरोपियों के 'नक्सली रिश्ते' की छानबीन कर रही पुलिस

कोरेगांव हिंसा मामले में मुंबई, नागपुर और दिल्ली से नामी दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों पर नक्सलियों से संबंध होने के आरोप हैं

FP Staff Updated On: Jun 07, 2018 02:22 PM IST

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भीमा कोरेगांव हिंसा: आरोपियों के 'नक्सली रिश्ते' की छानबीन कर रही पुलिस

पुणे पुलिस ने 1 जनवरी को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मुंबई, नागपुर और दिल्ली से नामी दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों पर नक्सलियों से संबंध होने के आरोप हैं. पुलिस इन आरोपियों के नक्सलियों से जुड़ाव को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है और आगे छानबीन किए जाने की बात कह रही है.

बुधवार की गिरफ्तारी पर पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जॉइन्ट सीपी) रवींद्र कदम ने कहा, 8 जून को दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए जिन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें से कुछ पर नक्सलियों से संबंध होने के मामले दर्ज किए गए हैं. उनके इस जुड़ाव की हम जांच कर रहे हैं. कुछ के ठिकानों पर छापेमारी भी की गई है.

गिरफ्तार आरोपियों में एक रोना विल्सन के बारे में जॉइन्ट सीपी कदम ने कहा कि विल्सन के घर से पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और कुछ कागजात बरामद हुए हैं जिसे फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. विल्सन और सुरेंद्र गाडलिंग के संबंध नक्सलियों से होने के कुछ सबूत मिले हैं. बुधवार को रोना विल्सन और सुरेंद्र गाडलिंग के नक्सलियों से संबंध पर छानबीन करते हुए पुणे पुलिस ने तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था.

पुणे पुलिस के सूत्रों के मुताबिक बुधवार सुबह एक साथ कई छापे के दौरान सुधीर धावले को मुंबई में उनके घर से गिरफ्तार किया गया, वकील सुरेंद्र गाडलिंग, एक्टिविस्ट महेश राउत और शोमा सेन को नागपुर से और रोना विल्सन को दिल्ली में मुनिरका स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार किया गया.

धावले एल्गार परिषद के आयोजकों में थे. शनिवारवडा में 31 दिसंबर को भीमा कोरेगांव लड़ाई के 200 साल पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. विश्रामबाग थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक कबीर कला मंच के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिए थे जिसके कारण जिले के कोरेगांव भीमा में हिंसा हुई.

पुलिस ने बताया कि सुधीर धावले दलित कार्यकर्ता और मराठी पत्रिका विद्रोही के संपादक हैं जबकि नागपुर के वकील सुरेंद्र गाडलिंग भी दलितों और आदिवासियों के लिए काम करते हैं. शोमा सेन नागपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और उनके पति तुषार क्रांति भट्टाचार्य को नक्सलियों से कथित जुड़ाव के लिए 2010 में नागपुर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था. महेश राउत का भी माओवादियों से जुड़ाव होने की बात कही जा रही है. केरल के रहने वाले रोना विल्सन (47) दिल्ली में रहते हैं और कमेटी फोर रिलीज ऑफ पोलिटिकल प्रिजनर्स से जुड़े हुए हैं.

पुणे पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र कदम ने बताया, ‘विश्रामबाग थाने में दर्ज मामले की छानबीन के दौरान हमने कई जगहों पर जांच की. जांच के दौरान हमें कुछ ऐसे सबूत मिले जिससे संकेत मिलता है गिरफ्तार किए गए सभी लोगों का माओवादियों के साथ जुड़ाव था.

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