S M L

भीमा कोरेगांव हिंसा: तीन हफ्ते तक बढ़ी मानवाधिकार कार्यकर्ता वरवर राव की नजरबंदी

महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद मानवाधिकार कार्यकर्ता वरवर राव की नजरबंदी तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दी है.

Updated On: Oct 25, 2018 08:52 PM IST

FP Staff

0
भीमा कोरेगांव हिंसा: तीन हफ्ते तक बढ़ी मानवाधिकार कार्यकर्ता वरवर राव की नजरबंदी
Loading...

महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद मानवाधिकार कार्यकर्ता वरवर राव की नजरबंदी तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दी है. मामले की सुनवाई करते हुए हैदराबाद हाईकोर्ट ने ये फैसला सुनाया.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्‍बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी. इसमें भीमा-कोरेगांव हिंसा की जांच पूरी करने का वक्त बढ़ाने के निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था. इस मामले पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी. भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में कई नामचीन सामाजिक और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है.

पुणे पुलिस ने गैर-कानूनी गतिविधियों रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत गाडलिंग, नागपुर यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शोमा सेन, दलित कार्यकर्ता सुधीर धवले, कार्यकर्ता महेश राउत और मूल रूप से केरल निवासी रोना विल्सन को माओवादियों से संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए वकील निशांत कटनेश्वर की इस दलील पर विचार किया कि अपील पर तुरंत सुनवाई की जरूरत है.

वहीं इस साल जनवरी में हुई भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने बीते 28 अगस्त को देशभर के कई शहरों में एक साथ छापेमारी कर सामाजिक कार्यकर्ता वरवरा राव को हैदराबाद से, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था. वहीं ठाणे से अरुण फरेरा और गोवा से वर्नान गोनसालविस को गिरफ्तार किया गया.इस दौरान उनके घर से लैपटॉप, पेन ड्राइव और कई कागजात भी जब्त किए गए.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi