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भीमा-कोरेगांव मामले में कोर्ट ने पुणे पुलिस को दिया 90 दिनों का समय

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर पुलिस ने पहले 5 प्रमुख कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, इन सभी को हाउस अरेस्ट रखा गया है

Updated On: Sep 02, 2018 12:57 PM IST

FP Staff

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भीमा-कोरेगांव मामले में कोर्ट ने पुणे पुलिस को दिया 90 दिनों का समय

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में हुई गिरफ्तारियों के सिलसिले में चार्जशीट दायर करने को लेकर पुणे पुलिस ने शनिवार को और अधिक समय की मांग की थी. पुलिस ने इसके लिए पुणे कोर्ट में आवेदन किया था जिसके लिए मंजूरी मिल गई है. अब चार्जशीट दायर करने के लिए पुणे पुलिस को 90 दिनों का समय मिल गया है. पुणे सेशन्स कोर्ट ने सुरेंद्र गाडलिंग, सोमा सेन, महेश राउत, सुधीर धवले और रोना विल्सन के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए पुणे पुलिस को अतिरिक्त 90 दिनों का समय दिया है.

बता दें, भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में देश के कई हिस्सों में छापेमारी कर पुलिस ने पहले 5 प्रमुख कार्यकर्ताओं- सुधा भारद्वाज, पी वरवरा राव, गौतम नवलखा, अरुण फेरेरा और वेरनॉन गोंसालविस को गिरफ्तार किया था. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी को 6 सितंबर 2018 तक हाउस अरेस्ट रखा गया है. वहीं 31 दिसंबर 2017 को पुणे में एलगार परिषद के सम्मेलन में माओवादियों से कथित संबंधों की जांच में जून में सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, सोमा सेन और महेश राउत को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस ने आरोप लगाया था कि कार्यक्रम में उत्तेजित भाषणों से अगले दिन पुणे के समीप कोरेगांव भीमा में हिंसा हुई थी. इस बारे में जांच अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त शिवाजी पवार ने कहा, 'उनकी 90 दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि 3 सितंबर 2018 को समाप्त हो रही है. मामले में 5 नई गिरफ्तारियों के साथ जांच अब भी चल रही है.’

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